अँजोरिया

Anjoria : Bhojpuri Unlimited…………

बजलऽ ए शंख बाकिर बाबा जी के पदा के (बतकुच्चन – १११)

तीन गो कहाउत आ तीन गो चोर के कहानी. सोचत बानी कि पहिले कहनिए कह सुनाईं छोट क के. एगो गाँव में चोरी भइल, तीन गो चोर पकड़इले. राजा के जमाना रहे राजा का दरबार में पेशी भइल. राजा तीनो के बारे में जानकारी लिहलें. फेर पहिलका से कहलें, जाई महाराज, रउरो रहनी एह चोरी में! दोसरका के गाँव के चौक पर सात कोड़ा मारे के आदेश दिहलन आ तिसरका … Read more »

सब केहुए पीएम बनल चाहऽता

Author: | May 21st, 2013 | Category : लस्टम पस्टम, स्तम्भ

– ज्योति पांडेय आजकाल लोग के ना जाने का हो गइल बा. ना केहु के भूखि लागऽता ना पियास, ना गरमी के परवाह ना लू के. जेकता के देखऽ परधानमंत्री बने के चक्कर में लागल बा. घूरहू से ले के रामचेला ले आ लस्टमानंद से ले के लंबोदर पांड़े ले जेकरा के देखऽ उहे खड़ा हो के घिघियाता कि हमार दावा बा हमरा के पीएम बनावऽ लोग. संसद मार्ग से … Read more »

बतिया पंचे के रही बाकिर खूंटवा रहिए पर रही (बतकुच्चन – ११०)

बतिया पंचे के रही बाकिर खूंटवा रहिए पर रही. आजु जब बतकुच्चन करे बइठल बानी त सामने टीवी पर अइसने कुछ बहस चलत बा. पंच त पंच महापंच के बात अनठिया देबे पर लागल बा सभे. आ हमहु एह पर बेसी कुछ ना कहब काहे कि कहल गइल बा कि जर जोरू जमीन जबरदस्त के होला. आ एहले जबरदस्त लोग के कहाँ बा. खैर, कहाउत में खूंटा के जिक्र आइल … Read more »

लोक कवि अब गाते नहीं – १८

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) सतरहवाँ कड़ी में रउरा पढ़त रहलीं मीनू का बारे में. कि कइसे ओकरा गवनई का स्टाइल में लोग आपन आपा भुला जाव. अब ओहसे आगा पढ़ीं….. एक बेर त अजबे हो गइल. कुछ बांका अतना बऊरा गइलें कि मीनू के मादक डांस पर अइसे हवाई फायरिंग करे लगले जइसे कि फायरिंग ना संगत करत होखसु. फायरिंग करत-करत ऊ बांका … Read more »

बइठले बइठल ज्ञानी हो गइले

Author: | May 11th, 2013 | Category : लस्टम पस्टम, स्तम्भ

– ज्योति पांडेय दिल्ली में एगो बड़ भयानक घटना घटल. वइसे दिल्ली जगहिए बड़ा भयानक घटना के नतीजा ह. कलकाता के सिपाही विद्रोह के गोड़ से मसल दिहला का बाद ई शहर राजधानी बनल. मुगलो काल में कुछ अइसने भइल रहे आ कौरवो पांडव के जमानो में. बाबा कहलें, त हम कहत रहनी कि उनकर ज्ञान के गगरी के पेहान भड़ाक दे खुल गइल, अनासो कोठा अँजोर हो गइल, दिमाग … Read more »

बतकुच्चन – १०९

Author: | May 11th, 2013 | Category : भाषा, सरोकार, स्तम्भ

हुकहुकी चलत बा. केकर? अब का कहल जाव कि केकर. ओने सरबजीत के त एने सरकार के. कब साँस रुक जाई केहु नइखे जानत. आ साँच कहीं त साँस त कब के रुक गइल बा. बस वेंटिलेटर के सहारे साँस चलत बा. केहु के वेंटिलेटर मशीन से, त केहु के बाहर से मिलल समर्थन से. ना त जियत बा आदमी ना मरे दिहल जात बा. हुकहुकी चलल तब कहल जाला … Read more »

सब गाँव के रस्ता रोटिए क ओर जाला

Author: | May 2nd, 2013 | Category : लस्टम पस्टम, स्तम्भ

– ज्योति पांडेय बाबा लस्टमानंद जब कलकाता अइले त दू गो चीज देखि के अचरज में परि गइले. एक त हावड़ा के पुल आ ओहपर चलत लइका लईकी, आदमी मेहरारू, आ दोसरका इहवां के रेक्शा. रेक्शा देखि के सांचहुं लोग के बुद्धि काम ना करि. एह में आदमी बैल अइसन जोता के रेक्शा खींचेला. ओकरा देखि के बुझाला कि रेक्शा हाथ गोड़ से ना पेट से खीचाला. जे पेट ना … Read more »

बतकुच्चन – १०८

Author: | May 2nd, 2013 | Category : भाषा, सरोकार, स्तम्भ

पान सड़ल काहे, घोड़ा अड़ल काहे, रोटी जरल काहे, लईका बिगड़ल काहे ? एह चारो सवाल के एके जवाब कि, फेरल ना गइल. पान के पत्ता के बारबार पलटत रहे के पड़ेला, ना पलटब त सड़े लागी. घोड़ा के बीच बीच में दउड़ावत रहे के पड़ेला, आदत छूट जाई त बीचे में अड़े लागी, रोटी के बीच बीच में तावा पर पलटत रहे के पड़ेला, ना त जर जाई आ … Read more »

मुंबई से बिहारी-मराठी समभाव के आवाज उठल

- आशुतोष कुमार सिंह मुम्बई में बिहार आ बिहारियन के चरचा अइले दिन होखत रहेला. बिहारी समुदाय का खिलाफ भाषणबाजी आ बयानबाजीओ होत रहेला. बाकिर पिछला 16 अप्रैल के षण्मुखानंद हॉल में बिहार दिवस के मौका पर जवन देखे सुने के मिलल उ बिहारी अस्मिता बुलंद करे वाला रहल. पिछला चार साल से बिहार फाउंडेशन मुम्बई में बिहार दिवस मनावत आइल बा. बाकिर अबकी का कार्यक्रम में जवन देखनी तवना … Read more »

संतराज सिहं रागेश के स्मृति में समारोह

राजेश कला एवं संस्कृति संस्थान आमी का तरफ से बियफे का रात सात बजे से अगिला दिने सबेरे पाँच बजे ले राष्ट्रपति पदक से सम्मानित लोक गायक स्वरसम्राट स्व॰ संत राज सिंह रागेश के सतवीं बरखी पर संगीत श्रद्धांजलि दिहल गइल. एह समारोह में आवाज उठावल गइल कि दिघवारा स्टेशन आ अम्बिका महारानी हाल्ट पर अशांत रागेश आ प्राचार्य सुशील के नाम पट्ट लगावल जाव आ आमी के दूरी लिखल … Read more »

भोजपुरी कवि हरि भइया के साहित्य अकादमी के भाषा पुरस्कार

Author: | April 25th, 2013 | Category : खबर, भाषा, सरोकार, साहित्य

मिरजापुर के शेरवाँ से वाराणसी आ के बस गइल पं॰ हरिराम द्विवेदी, जिनका के अधिका लोग हरि भइया क नाम से जानेला, के साहित्य अकादमी का ओर से भाषा पुरस्कार मिले के घोषणा भइल बा. एकरा पहिले भोजपुरी साहित्यकारन के ई पुरस्कार गोरखपुर के धरीछन मिश्र, देवरिया के मोती बी॰ ए॰ के दिहल गइल रहुवे आ हरी भइया तिसरका भोजपुरी साहित्यकार हउवें जिनका के एह पुरस्कार से सम्मानित कइल गइल … Read more »

अजोरिया के संस्थापक संपादक डा॰ राजेन्द्र भारती के सम्मान

Author: | April 25th, 2013 | Category : खबर, सभा समारोह, सरोकार

भोजपुरी में पहिलका वेबसाइट अँजोरिया डॉट कॉम के संस्थापक संपादक रहल डा॰ राजेन्द्र भारती के पिछला दिने पश्चिम बंगाल के हुगली में आयोजित एगो कार्यक्रम मे सम्मानित कइल गइल. डा॰ भारती बलिया के हउवें आ भोजपुरी कवि, होखला क साथे लेखक आ फिलिम पटकथा लेखको हउवें. डा॰ भारती भोजपुरी विकास चेतना पत्रिका आ अउरियो पत्रिकन के संपादक रहल बाड़ें. हिंदी साहित्य शलभ का ओर से तेलिनीपाड़ा आर्य पुस्तकालय में भइल … Read more »

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