लंगटन के लंगटई आ सरकार के कायरता
seminude protest and a coward government
– टीम अंजोरिया
#लंगटन-के-लंगटई #भोजपुरी #एआई-समिट #सरकार-के-कायरता
लंगटन के लंगटई आ सरकार के कायरता ले के हमहन के कहना बा कि –
मुझे रहजनो से गिला नहीं, तरी रहबरी का सवाल है
तू इधर उधर की ना बात कर, ये बता कि काफिला क्यँ लुटा?
शहाब जाफरी के गजल के ई दू लाइन बहुते सुने के मिल जाला, देश के संसदो में एकर जिक्र होखत रहेला. आ हमेशा ई सरकार के घेर खातिर होला. कहल जाला कि बहुत पहिले नेहरू सरकार का दौरान संसद में मौलाना अबुल कलाम आजाद जवाहर लाल नेहरू से इहे पूछले रहलें. आजु हम इहे सवाल मोदी सरकार से कइल चाहत बानी.

हमहन के एहपर ना त कवनो अचरज भइल ना निराशा. हमहन के शिकायत बा त मोदी सरकार से कि ई राहुल से अतना डेराइल काले रहेले. एक से गिर के एक वारदात राहुल आ ओकर लुहेड़ा करत रहेलें बाकिर सरकार ओहनी पर कवनो कार्रवाई करे से डेरा जाले. ना त सोनिया आ राहुल एक जमाना से जमानत पर ना घूमत रहतन. राहुल के त शायद अपनहूं ना इयाद होखी कि ओकरा पर कतना केस बा आ ऊ कतना केस में जमानत पर चलत बा.
हो सकेला कि रउरा में से कुछ लोगन के ई शिकायत होखो कि राहुल खातिर एह तरह के भाषा के इस्तेमाल ना होखे के चाहीं. बाकिर हम राहुल के समर्थक का तरह बेवहार करत बानी आ ओकरे तरह के भाषा इस्तेमाल करत बानी जवना तरह से ऊ देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बारे में करत रहेला.
काल्हु दिल्ली में चल रहल आर्टिफिसियल इंटेलिजेन्स शिखर सम्मेलन मे राहुल के लंगटन के लंगटई एक बेर फेरु रेघरिया दिहलसि कि मोदी सरकार एगो डरपोक आ कायर सरकार हियऽ जवन राहुल आ ओकरा गुरगन के हर हरकत, हर हिमाकत का सोझा लाचार हो जाले.
काल्हु के घटना का बाद प्रेस के संबोधित करत संबित पात्रा कहलन कि आजु कांग्रेस ला महज तीन शब्द कहल जा सकेला – टॉपलेस, ब्रेनलेस और शेमलेस. ( पिछला दिने अंजोरयो पर एगो लेख अंजोर कइले रहीं स -‘बदतमीज, बदजुबान, आ बददिमाग’.) पात्रा कहलन कि कांग्रेसियन के ई हरकत टॉपलेस आ ब्रेनलेस रहुवे. ओकरा अतनो विवेक नइखे कि ई समिट भाजपा के ना होके पूरा दुनिया के सम्मेलन हवे. पात्रा आरोप लगवलन कि एआई समिट में जवन कुछ भइल ऊ संयोग ना बलुक एगो सोचल समुझल प्रयोग रहुवे जवना के साजिश राहुल गांधी का डेरा पर रचल गइल. पात्रा त इहां ले कह दिहलन कि राहुल अउर कांग्रेस पार्टी देश के गद्दार हउवें. आ मजे के बात ई कि पात्रा राहुल के नागरिकतो के मामिला के जिक्र क दिहलन जवना पर भाजपा के सरकार मूड़ी गोत के बइठल बिया.

आजु हमार सवाल भाजपा से बा कि राहुल के नागरिकता के सवाल साफ काहे नइखे कर देत. अगर राहुल का लगे कबो कवनो दोसरा देश के नागरिकता रहुवे त ओकर सांसदी खतम क देबे के चाहीं आ ओकरा के जेल में डाल देबे के चाहीँ. ओह तरह का जेल में ना जवना तरह का जेल में ब्रिटिश हुकुमत जवाहर लाल के अपना दामाद का तरह राखत रहुवे. बलुक ओह तरह का जेल में जवना में वीर सावरकर आपन दू जिनिगी के जेल सजा काटत रहलन.
आ जे अगर राहुल निर्दोष बाड़न त सगरी गलतफहमी दूर कर के ओह लोग पर कार्रवाई होखे के चाहीं जे राहुल के नागरिकता के सवाल उठावत बा. बाकिर पात्रा के बयान से त इहे लागत बा कि बबुनी ससुरा ना जाली बाकिर मने मन गाजेली! मोदी सरकार राहुल के हर कारगुजारी के जवना तरह से अनठिया देत बिया ऊ देश हित में नइखे. एह से कुछ लोग के अनेसा सही बुझाए लागेला कि भाजपा देशहित के कम आ दलहित के बेसी धेयान राखेले.

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