– टीम अंजोरिया
#शेयर बाजार #बैंकनिफ्टी #गैपअप #गैपडाउन #भोजपुरी-में-शेयर-चरचा
लउकत बा पर ठेकत नाहीं
visible but beyond reach
हो सकेला कि रउरा में से कुछ लोगन के आजु के मथैला खराब लागल होखी, बाकिर रउरा जइसन बहुत कमे लोग आवेला भोजपुरी पढ़े खातिर। पिछला दिने एगो लेख में लिखले रहीं कि एहिजा आवे वाला अधिका लोग होठलाली भा सेक्सी साँग खोजत खोजत चलि आवेला। अलग बाति बा कि अब ओह लोग के ओइसन सामग्री भेंटात नइखे आ जवन एहिजा परोसल जात बा तवना के सवाद से आनन्द लेबे वाला केहू आवे ना। सही के सही भा गलत के गलत कहे वाला लोगो अब मुश्किले से भेंटाला। एहसे जानबूझ के बिर्हनी का छत्ता पर ढेला मारत रहिले। का जाने किस भेष में नारायण मिल जाँय!
लवटल जाव मथैला पर। पहिले पूरा मथैला दिहल चहनी – सकल पदारथ एहि जग माहीं, करमहीन नर पावत नाहीं। बाकिर मथैला तनिका लमहर लागल आ बहुते लोग के हमनी का इलाका में कहल जाए वाला लोक मुहावरा जुबान पर चढ़ले होखी कि – सकल पदारथ एहि जग माहीं, लउकत बा पर ठेकत नाहीं। आ एही में से आखिरी हिस्सा के मथैला बना दिहनी कि लउकत बा पर ठेकत नाहीं। नजर आवत त बा बाकिर हाथे नइखे लागत।
अबहीं ले लेख के असल विषय पर आइल नइखीं। अब आवत बानी। काल्हुए का लेख में शेयर बाजार में बैंकनिफ्टी के चरचा कइले रहीं। जइसे बन्दो घड़ी दिन में दू बेर सही समय बता देले ओही तरह कबो-कभार अन्हरो का हाथे बटेर लाग जाला। संजोगे रहल कि –
बाकिर गिरावट के दौर अबहियों चालू बा आ एगो गैपअप जवन अबहीं ले भराइल नइखे ऊ हवे 16 अक्टूबर 2025 वाला। आ ईहो गैप सोमार का दिने भा एकाधे दिन में भरा जाव त अचरज ना होखे के चाहीं।
सचहूं सही साबित हो गइल। बाकिर कहल जाला नू कि सिरफल पाकल एहसे कउवा के बाप के का ! कवनो जरूरी ना होखे के जवन कहल जाला तवना पर कामो कइल जाला। आ कई बेर त शेयर बाजार के चाल के सही अन्दाजा लगवला का बादो ठेंगे हाथे लागेला। अब जे शुक का दिने पुट ले के ना रखले होखी, हमहूं ना रखले रहीं, ओकरा ला आजु के बड़हन गैपडाउनो कवनो कामे ना आइल होखी। गिरल त पूरा गिर गइल आ ओकरा बाद कुछ हाथे लाग ना पावल। लउकल त बाकिर ठेकल ना।
ठीक ओही तरह जइसे काल्हु के वर्ल्डकप फाइनल में गिरत गेंद के अंदाज हो गइला का बादो कैच ना हो पावल। गनीमत इहे रहल कि कम से कम दू गो दमदार कैच बाँँव हो गइला का बादो भारत फाइनल मैच जीत गइल। ठीक ओही तरह हो सकेला कि बाजार में कुछ मौका गँववला का बादो हो सकेला कि रउरा कुछ कमा लीं। अब चूंकि आजु के गैपडाउन बहुते बड़ रहल से ऊ गैप ओकरा बाद भरे के कोशिश में लाग गइल। सगरी कोशिश का बादो गैपडाउन भरा ना पावल से हो सकेला कि काल्हुओ का बाजार में कुछ गिरावट लउक जाव। आ ओह पर से काल्हु निफ्टी 50 के हप्तवारी सलटानो होखे वाला बा। ई एगो दूधारी तलवार जइसन होखे वाला बा। आ जइसे कि बाजार में कहले जाला कि ‘कुछऊ हो सकेला’ त कुछऊ होइए सकेला। आ आम वणिकन के हालत सूरदास जइसन होला कि अगर केहू पूछल कि का सूरदास, घीव पड़ल त ऊ जबाब देसु कि – कड़कड़ाव तब नू जानीं।

हँ बगल में दिहल फोटो में रउऱा देख सकिलें कि दूगो गैपडाउन नजदीके नजदीक में बा. एगो त आजु के गैपडाउन आ दोसरका 2 मार्च वाला गैपडाउन। आ बेसी संभावना इहे बा कि अबही1 गिरावट के दौर कुछ दिन अउर जारी रहे। आ इहो हो सकेला कि बाजार एह गैपन के भरे का दिसाईं ऊपर चलि देव। जेकरा लागे कि अबहीं अउर नीचे गिरी ऊ बिकवाली के खेल खेले आ जेकरा उमेद बा कि ना अब बाजार सम्हर सकेला से लिवाली के खेल खेलो। रुपिया राउर लागे वाला बा। मुनाफा होखी त राउर, नुकसान होखी त राउर। हम त अपना हिसाब से चलल. अलग बाति बा कि करम कामे आई कि करम ई हमरो नइखे मालूम!
आ हमेशा का तरह आजुओ हम रउरा के कवनो सलाह नइखीं देबे वाला। काहें कि अगर हमार सलाह सही होखे वाला बा त रउऱा के काहें बताईं? आ अगर गलत होखे वाला बा त रउरा के काहें बताईं? हम त बस अतने जानेनी कि ओतने दाँव चलऽ जतना सम्हार सकऽ. धर्मराज लेखा दाँव चलबऽ त शकुनी राउर सगरी मालपत्ता समेटिए लीहि।
बस एक बात के धेयान राखीं कि एके साधे सब सधै, सब साधे सब जाय। एगो इंन्स्ट्रूमेंट, एगो रणनीति, एगो शैली पर टिकल रहब त देर सबेर रउऱे कामे आई। आज ईर घाट, काल्हु मीर घाट के दौरा करत रहब त कतहीं कुछ ना भेंटाई। गोस्वामी तुलसीदास जी अइसहीं त नइखीं लिख गइल कि – सकल पदारथ एहि जग माहीं, करमहीन नर पावत नाहीं। अलग बाति बा कि हम दावा से ना कह सकीं कि उहां के करम के बात कइले बानी कि करम के! एगो करम रउरा प्रयास से होला आ दुसरका करम रउरा भाग्य से। बाकिर करम कवनो करम होखो करमहीन के नाहिंए भेंटाए वाला बा कुछ। सकल पदारथ एहि जग मांही, लउकत बा पर ठेकत नाहीं।


नहीं मांगते धन और दौलत,
ना चाँदी ना सोना।
हम तो माँगे बस तेरे मन में
एक छोटा सा कोना पाठक, एक छोटा सा कोना।