रामदास राही जी के गंगालाभ

रामदास राही जी के गंगालाभ

बहुते दुख का साथ बतावल जात बा कि भिखारी ठाकुर के पहचान के वि्िष्ट सम्मानजनक बनावे खातिर लगातार प्रयत्नशील रहल भोजपुरी कलमकार रामदास राही जी ना रहलीं.
उहाँ के सादर नमन आ विनम्र श्रद्धांजली.

राही जी के एगो निबंधात्मक पुस्तक “भिखारी ठाकुर के भक्ति भावना में लोक मंगल के आयाम” के प्रकाशन बरीस 2015डमें मंगला रामेश्वरा प्रकाशन, सेमरिया, पोस्ट बड॰हरा, जिला भोजपुर से भइल रहल.

एह पुस्तक में रामदास राही जी भिखारी ठआकुर के भक्तिभावना में लोक मंगल के विभिन्न आयामन के खोजे के पुरहर कोशिश कइले बानी. शोधार्थी लोग खातिर ई पुस्तक बहुते उपयोगी रही. पुस्तक हमरा लगे नइखे बाकिर पुस्तक के प्रकाशक से सपर्क कइला से शायद मिल जाव. कोशिश में रहब आ संभव भइल त रउरो सभे से साझा करब.

(भोजपुरी पत्रिका सँझवत के फेसबुक पेज से साभार)

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