भोजपुरी नाट्यशास्त्र के लोकार्पण

–डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल

#भोजपुरी नाट्यशास्त्र # डॉ नर्वदेश्वर रॉय

भोजपुरी नाट्यशास्त्र के लोकार्पण

 

भोजपुरी साहित्य मंडल, बक्सर का ओरि से 21 फरवरी 26 के एसपीएस पब्लिक स्कूल, उनवाँस में आयोजित डॉ. नर्वदेश्वर रॉय जी का किताब ‘भोजपुरी नाट्यशास्त्र’ के लोकार्पण समारोह बहुते शानदार रहल। एह तरह के आयोजन से साहित्यिक गतिविधि का सङे-सङे सृजनात्मकतो के माहौल बन जाला आ साहित्यिक संस्कार अपने-आप विकसित होखे लागेला।

डॉ. अरुण मोहन ‘भारवि’ आ डॉ. वैरागी निस्संदेह एह खातिर भूरि-भूरि प्रशंसा के अधिकारी बानी। बक्सर से उनवाँस (शिवपूजन सहाय जी के गाँव) तक गाड़ी से ले जाए आ ले आवे, साथे-साथ सभे साहित्यकारन आ अतिथियन के स्वागत-सत्कार आ जलपान वगैरह के सुंदर व्यवस्था कइला जइसन कार्यक्रमन के पीछे खाली ठीक-ठाक अर्थव्यवस्थे ना होखे, बलुक ओकरा पीछे साहित्य, साहित्यकार आ अतिथियन का प्रति सम्मानजनक भाव आ शिष्टाचार के संस्कारो काम करेला।

एसपीएस पब्लिक स्कूल, उनवाँस के संस्थापक श्री प्रमोद शंकर चौबे, डॉ. दिवाकर पांडेय, डाॅ. विष्णुदेव तिवारी, श्री कृष्ण कुमार, श्री धन्नूलाल प्रेमातुर, श्री गणेश उपाध्याय, डॉ. रामेश्वर प्रसाद वर्मा, श्री श्रीभगवान पाण्डेय, श्री शशिभूषण मिश्र, श्री कमलापति पाण्डेय ‘निडर’, श्री कुशध्वज सिंह मुन्ना, श्री राजाराम पाण्डेय, श्री प्रमोद शंकर चौबे, श्री पंकज पांडेय, श्री अभय तिवारी, श्री रामवृक्ष साहु, श्री अमरेंद्र दुबे, श्री वृजेश शर्मा, श्री धनंजय गुडाकेश, श्री कौशल शर्मा, श्री लक्ष्मीकांत ‘मुकुल’ आ ओहिजा मौजूद अउरी सभे सम्मानित सज्जन आ देवी लोग अउर विद्यालय का विद्यार्थियन के उपस्थिति से ना खाली समारोह के गरिमा बढ़ल, बलुक आयोजन का सफलता के एक खास आयाम मिलल। विद्यालय के विद्यार्थियन द्वारा स्वागत नृत्य ओगैरह से समारोह के औपचारिक सांगीतिक स्वागत का बहाने एगो मनोरंजक आ आकर्षक माहौल बनल।

हम, डॉ. दिवाकर पांडेय आ श्री कृष्ण कुमार—तीनों आदमी बक्सर से साँझ खा 6 बजे वाली ट्रेन पकड़ी जा आ तब तक डॉ. भारवि, श्री श्रीभगवान पाण्डेय आ डॉ. रामेश्वर प्रसाद वर्मा हमनी का सङहीं रहलीं आ ट्रेन पर चढ़ा के हमनी के विदा कइलीं। ई पल बहुते भावुक कर देबेवाला रहे। निस्संदेह एह पीढ़ी में बहुत कुछ अइसन बा, जवन नया पीढ़ी खातिर बचा के राखल जरूरी होई। पटना में हम एह तरह के कई आयोजनन में शामिल भइल बानी, बाकिर ओह सब में अइसन शिष्टाचार बहुत कमे देखे के मिलल बा; साइत ओहिजा अब महानगरीय संस्कृति के मानसिकता विकसित होखे लागल बिया।

हम ईश्वर से प्रार्थना करबि कि एह तरह के साहित्यिक आयोजन भोजपुरी साहित्य मंडल, बक्सर का ओरि से बार-बार होत रहे आ हमनी का ओह में सहभागी बनके आपन सौभाग्य सराहत रहीं जा।

हमरा याद आवता, जब दुनिया के सबसे पुरान भोजपुरी के रजिस्टर्ड संस्था ‘भोजपुरी साहित्य मंडल, बक्सर’  के आयोजन डॉ. विप्र जी का निर्देशन आ संरक्षण में होखत रहे। ओह घरी का शानदार आयोजन होत रहे! कहे के जरूरत नइखे कि डॉ. भारवि आ डॉ. बैरागी मिल के ओह परंपरा के बहुते शानदार तरीका से आगे बढ़ावत बानी।

हमार ओर से भोजपुरी साहित्य मंडल, बक्सर के अध्यक्ष डॉ. अरुण मोहन ‘भारवि’ आ सचिव डॉ. बैरागी प्रभाष चतुर्वेदी के ढेर-ढेर बधाई!

डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल
संपादक, सँझवत
देवनगर, पिपरा रोड, पटना-30

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