भोजपुरी हास्य कवि गोष्ठी
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  1. Editor

    तीन साल पुरान हवे ई कविगोष्ठी। बतावत लाज लागत बा कि एहसे पहिले एह कवियन के नामो ना सुनलें रहीं कबो। आ जब सुने के मौका मिल गइल त सोचनी कि काहे ना साझा क दिहल जाव.

    कइसन लागल रउरा? बता देब त नीमन लागी।

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