अंजोरिया कि अँजोरिआ : तेइस बरीस बाद एगो सवाल

भोजपुरी के मानक वर्तनी तइयार करत घरी अपने गलती सोझा खड़ा हो गइल। तेइस बरीस बाद अपना वेबसाइट के नाम के वर्तनी ले के एगो सवाल मन में उठल बा। सवाल छोट बा, बाकिर ओकर जवाब खोजे चलनी त मामला अझुरात चल गइल।
हमार वेबसाइट के पता शुरू से anjoria.com रहल बा आ आगेओ इहे रही। एहमें कवनो बदलाव नइखे होखे के। सवाल डोमेन के नइखे, ओकर देवनागरी वर्तनी के बा।
तेइस बरीस से हम एकरा के अंजोरिया लिखत आइल बानी।
अब सवाल उठल बा कि anjoria के देवनागरी में लिखे के होखे त ओकर सही रूप का होखे — अंजोरिया कि अँजोरिआ? एह सवाल के जवाब हिन्दी वर्तनी का आधार पर ना सोच के भोजपुरी वर्तनी का आधार पर सोचे के बा।
पहिले हमरा लागल कि एह सवाल के जवाब अपना पुरान लिखनिहार लोग से पूछल जाव। करीब बीस गो लोग से एगो छोटहन सैम्पल सर्वे कइनी। सवाल रखनी — अंजोरिया कि अजोरिया?
अधिका लोग के राय रहल — अँजोरिया।
बाकिर बाद में बुझाइल कि सवाल पूछहीं में चूक हो गइल रहे।
हम असल में ई ना पूछे के चाहत रहनी कि भोजपुरी शब्द के रूप में अंजोरिया आ अजोरिया में कवन रूप नीमन बा। हम जानल चाहत रहनी कि रोमन लिपि में पहिले से मौजूद नाम anjoria के देवनागरी में कइसे लिखल सही रही।
दुनु सवाल एक नइखन।
एहिजा एगो अउर बात साफ कर दीं। anjoria.com के बदले के कवनो सवाल नइखे। ऊ तेइस बरीस से वेबसाइट के पता आ पहचान ह। ओकरा के बदलल ना व्यावहारिक बा, ना जरूरी।
बदलाव अगर होखी त खाली देवनागरी नाम में —
अंजोरिया → अँजोरिआ
एह बदलाव में दू गो बात खास बा।
पहिला, अं के जगह अँ। एहिजा उच्चारण नासिक्य स्वर के अधिक नजदीक बा, एहसे चंद्रबिंदु वाला रूप पर विचार स्वाभाविक बा।
दोसरा, रिया के जगह रिआ। अगर नाम के रोमन रूप anjoria बा त आखिर के ia के देवनागरी में इआ लिखल अधिक सीधा लागत बा। एहसे अँजोरिआ रूप सामने आवत बा।
अब सवाल ई नइखे कि पिछला तेइस बरीस गलत नाम से वेबसाइट चलत रहल। अंजोरिया तेइस बरीस में अपना आप में एगो पहचान बन गइल बा। पुरान लेख, पुरान चित्र, पुरान उल्लेख — सभ ओह इतिहास के हिस्सा बाड़ें। एहसे पूरा वेबसाइट में खोज-खोज के हर पुरान “अंजोरिया” के बदल देबे के कवनो जरूरत नइखे।
बदलाव एतने हो सकेला कि आगे से वेबसाइट के देवनागरी नाम अँजोरिआ लिखल शुरू कर दीहल जाव। लोगो आ नया सामग्री में नया रूप आवे, पुरान सामग्री अपना समय के रूप में रह जाए।
एहसे ना डोमेन बदली, ना पुरान लिंक, ना वेबसाइट के पता।
anjoria.com तबो anjoria.com रही।
खाली ओकर देवनागरी रूप हो जाई —
अँजोरिआ
तेइस बरीस बाद कइल गइल ई बदलाव गलती मिटावे के कोशिश कम, वर्तनी के अधिक साफ करे के कोशिश अधिक होखी।
बाकिर आखिरी फैसला करे से पहिले ई बात पाठकन का सामने रखल जरूरी बुझात बा। आखिर अँजोरिआ के पहचान अकेले हम नइखीं बनवले। एकरा के पढ़े-लिखे वाला लोग मिल के बनवले बा।
एहसे राउर राय जानल चाहत बानी।
anjoria.com के देवनागरी नाम आगे से “अँजोरिआ” लिखल कइसन रही?



तेइस साल बाद ही सही, बाकिर ‘अँजोरिआ’ नाम पर जवन रउवा गहिराई से सोचनी ह, ऊ हमरा बहुत नीमन लागल। हमरो पूरा सहमति बा कि जब अंग्रेजी स्पेलिंग के लास्ट में ‘ia’ बा, त देवनागरी में ओकर सीधा रूप ‘इआ’ ही होखे के चाहीं। अगर एकरा के ‘या’ लिखल जाव, त अंग्रेजी में ऊ ‘anjoriya’ हो जाई। साथ ही, जब हमनी के भोजपुरी में ई नाम बोलीं जा त नाक से जवन सहज स्वर निकलेला, ओकरा के बिंदु के जगह ‘अँ’ (चंद्रबिंदु) ही सही-सही पकड़ पावेला। एह से ‘अँजोरिआ’ लिखल आ पढ़ल दुनु में एकदम ठेठ आ आपन-आपन लागता।
आ ई फइसला त अउरी बढ़िया बा कि डोमेन anjoria.com आ पुरान लिंकन के रउवा जस के तस छोड़ रहल बानी। तेइस साल में ई वेबसाइट हमनी जइसन पाठकन खातिर एगो पहचान बन चुकल बा, त पुरान इतिहास के छेड़े के कवनों जरूरत नइखे। बस आगे से नया सामग्री आ लोगो में ‘अँजोरिआ’ लिखल जाई, त ई भाषा के अउरी संवारे के एगो बेहतरीन कदम मानी जाई। एगो पाठक के तौर पर हमरा ई बदलाव एकदम तर्कसंगत लागता, रउवा बेझिझक एह नया रूप के अपना लीं, हमनी के पूरा समर्थन बा!