
सँझवत पत्रिका के प्रो. (डॉ.) नंदकिशोर तिवारी विशेषांक
संझवत-10 के संपादक डॉ रामरक्षा मिश्र विमल के लिखल संपादकीय से –
प्रोफेसर (डॉ) नंदकिशोर तिवारी भाषा आ साहित्य के अप्रतिम विद्वान हईं। लेखक, आलोचक, संपादक आ भाषा वैज्ञानिक का रूप में हिंदी आ भोजपुरी साहित्य के उहाँ के योगदान रेखांकित करे लाएक बा। हमार अनुभव त ई कहता कि उहाँ अइसन विद्वान अब दुर्लभ बाड़ें. जेकरा भीरी गइला पर भाषा, साहित्य, संस्कृति आ धर्मशास्त्र पर कइसनो प्रश्न कइल जाउ त ओकर उपयुक्त, व्यावहारिक आ प्रामाणिक उत्तर तत्काल मिल जाउ। विभिन्न पुस्तकन आ पत्र-पत्रिकन में प्रकाशित जीवन वृत आ साक्षात्कार से डॉ. तिवारी का व्यक्तित्व के एगो अद्भुत छवि बनऽता।
(लेख लमहर बा। पीडीएफ में दीहल फॉन्ट का साथे कुछ दिक्कत अइला का चलते हम पूरा लेख एहिजा नइखीं दे पावत काहे कि पूरा फेर से टाइप करे के पड़ी। बाकिर रउरा पूरा लेखे ना प्रोफेसर (डॉ) नंदकिशोर तिवारी पर पूरा सामग्री संझवत पत्रिका के प्रो. (डॉ.) नंदकिशोर तिवारी विशेषांक मे पढ़ सकेनी। —संपादक, अंजोरिया)


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