Category: सतमेझरा

राजनीति के खटिया पर चड्ढी उतारि के (बाति के बतंगड़ – 9)

– ओ. पी. सिंह पिछला बेर खटिया आ ओरचन के बतिया आधे प छोड़ देबे पड़ल रहुवे. आजु फेर ओकरे के लेके बढ़त बानी. खटिया लेके बहुते गाना फिलिमन में आइल बा. ‘रामदुलारी मयके गई, खटिया हमरी खड़ी कर गई’ वाला गाना में हालात...

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बबुआ जी वोटवा मांगेले खटिया बिछाई के बाति के बतंगड़ – 8)

– ओ. पी. सिंह राजनीति में खटिया के महत्व हमेशा से रहल बा बाकिर अबकी यूपी का चुनाव में ई शान से सामने आइल बा. अपना विरोधी के खटिया खड़ा करे का फेर में बबुआ जी जगहे-जगह खटिया बिछवले जात बाड़न आ लोग जे बा कि ना से खटिया पर...

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सबले नीमन ठठपाल (बाति के बतंगड़-7)

– ओ. पी. सिंह कहे वाला त कहेलें कि नाम में का धइल बा. चीनी के कवनो नाम दीं ओकर मिठास उहे रहे वाला बा. गुलाब के कवनो नाम दीं ओकर सुगन्ध नइखे बदले वाला, बाकिर अब जमाना बदल गइल बा. अब नाम उहे रह जात बा बाकिर ओकर गुण बदल दीहल...

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भउजी हो!

भउजी हो! का बबुआ? आपन नोटवा भंजा लिहलू कि ना ? हमार नोटवा त कहिये भँज गइल, रउरा अपना कनियवा वाला नोट जल्दी भंजा लीं। का भउजी, तोहरा हमेशा मजाके सुझेला! हम पाँच सौ आ हजरिया नोट का बारे में पूछनी हँ। अरे ओहिजा अबहीं लमहर लमहर लाइन...

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हद, हदस, हदसल, हदसावल, हदसी, हदीस, हादसा (बतकुच्चन – 205)

हद, हदस, हदसल, हदसावल, हदसी, हदीस, हादसा. मामिला बेहद गंभीर बा आ बतकुच्चन करे में मन हदसल बा कि पता ना कब केने से इशरत के अब्बा भा वानी के फुआ सामने आ जइहें घेर बान्ह करे खाति. से हम अपना हद में रहे के भरपूर कोशिश करब. आ कुछ कहे...

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🤖 अंजोरिया में ChatGPT के सहयोग

अंजोरिया पर कुछ तकनीकी, लेखन आ सुझाव में ChatGPT के मदद लिहल गइल बा – ई OpenAI के एगो उन्नत भाषा मॉडल ह, जवन विचार, अनुवाद, लेख-संरचना आ रचनात्मकता में मददगार साबित भइल बा।

🌐 ChatGPT से खुद बातचीत करीं – आ देखीं ई कइसे रउरो रचना में मदद कर सकेला।