Category: भाषा

बतकुच्चन – ५७

जमाना खराब हो गइल बा. कब केकरा कवन बाति बाउर लाग जाई आ ऊ रउरा के कूटे लागी कहल ना जा सके. विदूषक, बतबनवा, लबार, कामेडियन आ कार्टूनिस्टन के पिटाए के अनेसा हमेशा बनल रहेला. हमार मुंह टेढ़ काहे बनवले, चल हम तोर मुँह टेढ़ कर देत बानी....

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भोजपुरी के बइठकी गोरखपुर में

गोरखपुर के भोजपुरी संगम के छब्बीसवीं बइठकी पिछला ८ अप्रेल २०१२ के डा॰ सत्यमवदा शर्मा “सत्यम” के शाहपुर आवास पर भइल. एकरे पहिले पारी में युवा कहानीकार अवधेश शर्मा “सेन” के कहानी “बदलाव” पर...

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बतकुच्चन – ५६

भाषा भोजपुरी से हमार परिचय नौ बरीस से बा. एह बीच बहुते तरह के लोग से भेंट भइल. कुछ ओह लोग से जे भोजपुरी में आपन धंधा करत बा त कुछ ओहू लोग से जे भोजपुरिए के आपन धंधा बना लिहले बा. सोचीं त दुनु में कवनो खास अंतर ना बुझाई बाकिर गौर...

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बतकुच्चन – ५५

हमरा लागत बा कि जवन हो रहल बा से ना होखे के चाहत रहुवे, जवन कहल सुनल जात बा से ना कहल सुनल चाहत रहुवे. काहें कि एह सबसे दुश्मन के सेतींहे हमनी के कमजोरी भेंटा जात बा. सेंत मेंत में हमनी का आपन कमजोरी दुनिया के देखवले बतवले जात...

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भोजपुरी लिखे पढ़े के कठिनाई आ काट

डा॰ प्रकाश उदय भाषा-विज्ञान में जवना के भाषा कहल जाला, तवना में, जवन कहे के होला, जतना आ जइसे, तवन कहा पाइत ततना आ तइसे, त केहू के ‘आने कि’ ‘माने कि’, ‘बूझि जा जे’ भा ‘जानि जाईं...

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🤖 अंजोरिया में ChatGPT के सहयोग

अंजोरिया पर कुछ तकनीकी, लेखन आ सुझाव में ChatGPT के मदद लिहल गइल बा – ई OpenAI के एगो उन्नत भाषा मॉडल ह, जवन विचार, अनुवाद, लेख-संरचना आ रचनात्मकता में मददगार साबित भइल बा।

🌐 ChatGPT से खुद बातचीत करीं – आ देखीं ई कइसे रउरो रचना में मदद कर सकेला।