Category: उपन्यास

बनचरी (चउथी कड़ी)

– डा॰ अशोक द्विवेदी एगो विशाल बटवृक्ष का नीचे पत्थर शिला खण्ड का टुकड़न से सजाइ के एगो चबूतरा बनावल रहे. वृक्ष का एकोर ओइसने पत्थर के चापट टुकड़न के सरियाइ के गोलाकार ऊँच देवाल लेखा बनावल रहे जवना का ऊपर से वटवृक्ष क डाढ़ि...

Read More

बनचरी (तिसरकी कड़ी)

– डा॰ अशोक द्विवेदी सोझा बन के कुछुए भीतर एगो बड़का झँगाठ फेंड़ का ऊपर से दू गो आँख ओनिये टकटकी बन्हले भीम आ उनका पलिवार का एक-एक हरकत के देखत रहे. भीम के, साँझि से एह सुतला राति ले तनिको सुनगुन ना मिलल रहे कि ओह लोगन पर नजर...

Read More

बनचरी (दुसरकी कड़ी)

– डा॰ अशोक द्विवेदी भयावह आ भकसावन लागे वाला ऊ बन सँचहूँ रहस्यमय लागत रहे. जब-तब उहाँ ठहरल अथाह सन्नााटा अनचीन्ह अदृश्य जीव जन्तु भा पक्षियन का फड़फड़ाहट से टूट जात रहे. थोरिके देर पहिले फेड़ का एगो लटकल डाढ़ि से लपटाइल लटकल...

Read More

बनचरी (पहिला कड़ी)

– डा॰ अशोक द्विवेदी गंगा नदी पार होत-होत अँजोरिया रात अधिया गइल रहे. दुख आ पीरा क भाव अबले ओ लोगन का चेहरा प’ साफ-साफ देखल जा सकत रहे. छछात मृत्यु का सामने से, सुरक्षित लवटि आइल साधारन बात ना रहे. संजोग अच्छा रहे कि असमय आ...

Read More

बनचरी : भोजपुरी में कालजयी उपन्यास

दुर्गम बन पहाड़न का ऊँच-खाल में जिए वाला आदिवासी समाज के सहजता, खुलापन आ बेलाग बेवहार के गँवारू, जंगलीपना भा असभ्यता मानेवाला सभ्य-शिक्षित समृद्ध समाज ओहके शुरुवे से बरोबरी के दरजा ना दिहलस. समय परला पर ओकर उपयोग जरूर कइलस. खुद...

Read More

🤖 अंजोरिया में ChatGPT के सहयोग

अंजोरिया पर कुछ तकनीकी, लेखन आ सुझाव में ChatGPT के मदद लिहल गइल बा – ई OpenAI के एगो उन्नत भाषा मॉडल ह, जवन विचार, अनुवाद, लेख-संरचना आ रचनात्मकता में मददगार साबित भइल बा।

🌐 ChatGPT से खुद बातचीत करीं – आ देखीं ई कइसे रउरो रचना में मदद कर सकेला।