कोइला में हीरा हेराइल ! Posted by Editor | अप्रैल 20, 2017 | कविता, साहित्य | – अशोक द्विवेदी कोइला में हीरा हेराइल कुफुत में जिनिगिया ओराइल बलमु तोहें कुछ ना बुझाइल !!... Read More
माई Posted by Editor | अप्रैल 7, 2017 | कविता, साहित्य | – डॉ राधेश्याम केसरी हमरे से खनदान पटल बा, जिनिगी से जज्बात जुड़ल बा हम हमार, घर दुअरा खातिर... Read More
चइत-राग Posted by Editor | अप्रैल 3, 2017 | कविता, साहित्य | – अशोक द्विवेदी 【 एक 】 रसे – रसे महुआ फुलाइल हो रामा उनुका से कहि दs ! रस देखि भँवरा... Read More
गीत Posted by Editor | मार्च 27, 2017 | कविता, साहित्य | – शिवजी पाण्डेय ‘रसराज’ हम गरीबने पर अइसन, अन्हेर काहें? देहि धुनलो पर खइला में देर काहें?... Read More
गजल Posted by Editor | मार्च 27, 2017 | कविता, साहित्य | – अशोक कुमार तिवारी हो गइल छीछिल छुछुन्नर, दिल कहाँ दरियाव बा, अब उठावे ना, गिरा देबे में... Read More
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