श्रेणी: कविता

बाबा बोलऽ ना

– डॉ.कमल किशोर सिंह देखलऽ कइसन सपनवा, बाबा बोलऽ ना पूछेला जहनवा सब बच्चा बुढ जवनवा बाबा बोलऽ ना……. देखलऽ कइसन सपनवा, बाबा बोलऽ ना. मौन काहे बाड़ऽ, काहे कइलऽ अनसनवा, बोलऽ कइसे होई तहार मनसा पुरनवा बाबा बोल ना...

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माई के इयाद

(पाती के अंक 62-63 (जनवरी 2012 अंक) से – 11वी प्रस्तुति) – मनोकामना सिंह शाम के, घर लवट के अइला पर देख के चेहरा उदास पूछली माधो के मेहरारू रउरा मुँह काहे लटकवले बानीं? बंगला के पाँच अस बनवले बानीं ? कहलें माधो, ”का...

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मुन्नी इयाद करे नानी के

(पाती के अंक 62-63 (जनवरी 2012 अंक) से – 10वी प्रस्तुति) – गंगा प्रसाद अरुण नानी हो, बहुते इयाद आवेला तोहार खास करके तब जबकि पापा-मम्मी दूनो लोग चलि जाला अपना-अपना आफिस-स्कूल बन कइके हमनी के ताला में. जानेलू, घर में...

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बावन गो बौना पर, एक किरन-बावनी

(इयाद) (पाती के अंक 62-63 (जनवरी 2012 अंक) से – 7वी प्रस्तुति) – आचार्य गणेश दत्त ‘किरण’ जन्म: मई 1933 मृत्यु : सितंबर 2011 गहिर संवेदना, इतिहास-बोध, पौराणिक लोक-परम्परा के समझ आ कल्पना-प्रवणता वाला आचार्य गणेशदत्त...

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नया जमाना

(थाती) (पाती के अंक 62-63 (जनवरी 2012 अंक) से – 6वी प्रस्तुति) जन्म: 1906 मृत्यु: 21 जुलाई 1971 पेशा से चिकित्सक, बांसडीह, बलिया निवासी ‘सुमित्र’ जी के एगो प्रौढ़ काव्य-संग्रह भोजपुरी ‘गाँव गिरान’ 1956 में प्रकाशित भइल रहे....

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