Category: कविता

माई के इयाद

(पाती के अंक 62-63 (जनवरी 2012 अंक) से – 11वी प्रस्तुति) – मनोकामना सिंह शाम के, घर लवट के अइला पर देख के चेहरा उदास पूछली माधो के मेहरारू रउरा मुँह काहे लटकवले बानीं? बंगला के पाँच अस बनवले बानीं ? कहलें माधो, ”का...

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मुन्नी इयाद करे नानी के

(पाती के अंक 62-63 (जनवरी 2012 अंक) से – 10वी प्रस्तुति) – गंगा प्रसाद अरुण नानी हो, बहुते इयाद आवेला तोहार खास करके तब जबकि पापा-मम्मी दूनो लोग चलि जाला अपना-अपना आफिस-स्कूल बन कइके हमनी के ताला में. जानेलू, घर में...

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बावन गो बौना पर, एक किरन-बावनी

(इयाद) (पाती के अंक 62-63 (जनवरी 2012 अंक) से – 7वी प्रस्तुति) – आचार्य गणेश दत्त ‘किरण’ जन्म: मई 1933 मृत्यु : सितंबर 2011 गहिर संवेदना, इतिहास-बोध, पौराणिक लोक-परम्परा के समझ आ कल्पना-प्रवणता वाला आचार्य गणेशदत्त...

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नया जमाना

(थाती) (पाती के अंक 62-63 (जनवरी 2012 अंक) से – 6वी प्रस्तुति) जन्म: 1906 मृत्यु: 21 जुलाई 1971 पेशा से चिकित्सक, बांसडीह, बलिया निवासी ‘सुमित्र’ जी के एगो प्रौढ़ काव्य-संग्रह भोजपुरी ‘गाँव गिरान’ 1956 में प्रकाशित भइल रहे....

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गज़ल

(पाती के अंक 62-63 (जनवरी 2012 अंक) से – 5वी प्रस्तुति ) – ‍शशि प्रेमदेव गाँधी जी के बानर, बनि गइले पर नीक कहाइबि हम। साँच बात कहि के ए दादा, माथा ना फोरवाइबि हम। मन के कहना मान लेबि तऽ कबहूँ ना पछताइबि हम। बेसी चतुर...

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