गरीबी के नया रेखा – टमाटर रेखा
– जयंती पांडेय रामचेला बजार से अइले आ टमाटर के भाव बाबा लस्टमानंद के बता के ओहिजे थहरा के बइठ गइले. बाबा उनकर हाल देखि के लगले चिलाये. लोग आ गइल. सब लोग हरान कि का भइल बेचारा रामचेला के. बाबा अतने बतावस कि टमाटर के भाव बता...
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