जबरा मारबो करी आ रोवहूं ना दी : बाति के बतंगड़ – 22
– ओ. पी. सिंह आपन देश गजबे ह. एहिजा तरह तरह के अजूबा देखे के मिलि जाला. सबले बरियार नेता के...
Read More– ओ. पी. सिंह आपन देश गजबे ह. एहिजा तरह तरह के अजूबा देखे के मिलि जाला. सबले बरियार नेता के...
Read More– ओ. पी. सिंह पिछला हफ्ता लिखले रहीं कि नाम में का धइल बा आ एह हफ्ता फेरु नामे के चरचा ले के...
Read More– ओ. पी. सिंह नाम में का धइल बा. नाम कुछऊओ होखे, काम बढ़िया रहल त नाम होईये जाई आ काम खराब...
Read More– ओ. पी. सिंह महफिल अपना शबाब पर रहुवे. नाच मण्डली के मलकिनी साज वालन का पीछे बइठल नचनियन के...
Read More– ओ. पी. सिंह अब बतंगड़ ले के आगा बढ़ीं ओह से पहिले जरुरी लागत बा कि कुछ बतकुच्चन करत चलीं।...
Read More