पीड़ा आ सरोकारी गीतन से दिल खुश करत बाड़न भावुक
- टीम अंजोरिया

पीड़ा आ सरोकारी गीतन से दिल खुश करत बाड़न भावुक

भोजपुरी सिनेमा आ ओकरा गीतन का बारे में पढ़ल लिखल अपना के श्लील माने वाला लोगन के शिकायत रहेला कि आम मनई खातिर लिखल आ फिलिमावल एह गीतन से मन खराब होखे लागेला। सबले मजा के बाति ई होला कि ईलोग ना त भोजपुरी में लिखेला आ बोलेला ना सुनेला ना देखेला। बाकिर एहलोगन के शिकायत हमेशा रहेला कि आम मनई काहे एह भोजपुरी संगीत आ फिलिम उद्योग के जिअवले रखले बा।

त अइसने लोग के धैयान में राखत कुछ लोग कोशिश करत रहेला कि भोजपुरी में कुछ बढ़िया लिखाव, कुछ बढ़िया गवाव, आ बढ़िया देखावल जाव। भोजपुरी के जानल मानल गीतकार, फिलिमकार, इतिहासकार, डिजिटल मीडिया प्रस्तोता मनोज भावुक साबित कइल चाहत बाड़न कि भोजपुरी गीत-संगीत के असली पहचान अबहियों जिन्दा बा। उनुका एह बाति के भरम बा कि उनुका कोशिश से इहो लोग भोजपुरी सिनेमा देखे लागी आ भोजपुरी गीत सुने लागी। भरम राखे के हक सभकर होला। ठीक वइसहीं जइसे दुनिया में भोजपुरी में शुरु होखे वाली पहिल वेबसाइट अंजोरिया डॉटकॉम ले के हमहनो के ई भरम होला कि पैंतीस करोड़ भोजपुरियन में से लाख दू लाख ना त एकाध सौ लोग जरुरे आवत होखी भोजपुरी का बारे में जाने खातिर, भोजपुरी पढ़े खातिर। जबकि सचाई इहे बा कि दोसरा के त छोड़िये दीं उहो लोग अंजोरिया पर शायदे आवेला जिनकर लिखलका एहिजा मौजूद बा। फेसबुक पर छपले रहेला लोग बाकिर अगर एह लोग के टाइमलाइन देखीं त कुछ अपवाद छोड़ सभे हिन्दिये में लिखत-बतियावत रहेला.

भोजपुरी के महासेवकन के खासियत बा कि उनुकर प्रेसो विज्ञप्ति हिन्दी में आवेला आ लोग उमेद करेला कि हमरा जइसन बइठल बेकार आदमी का लगे अतना समय त होखबे करी कि ऊ हमरा विज्ञप्ति के भोजपुरी में अनुवाद कर ली। जवन आदमी दू गो हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद कर चुकल बा ओकरा लगे अतना समय त होखबे करी आ नाहियो होखी त अपना भोजपुरी प्रेम का चलते मजबूरे मन से भोजपुरी अनुवाद कर के प्रकाशित करिये दी। आखिर अंजोरिया पर कुछ दोसरो लोग के मौजूदगी त चहबे करी। बात ठीको बा.

आजु लिखे बइठल रहीं त मनोज भावुक के गीतन का बारे में बाकिर मन के पीड़ा आ सरोकारी लेखन के कोशिश में बहुत कुछ मजबूरन कहे लिखे के पड़ल।

हाल ही में रिलीज भइल भोजपुरी फिलिम ‘गरीब बेटी के अमीर ससुराल’ में मनोज भावुक के लिखल दू गो गीत शामिल बा। एगो त फिलिम के मथैले गीत हवे आ दोसरका एगो बेहद मधुर रोमांटिक गीत। आ सबले खास बाति इ बा कि ई गीत आशिक-माशूका ला ना लिख के मरद-मेहरारू का बीच के आपसी विश्वास, समर्पण, आ प्रेम के आवाज देत बा। गीत के वीडियो त नीचे देलहीं बानी गीतो के लाइन दे रहल बानी –

जइसे नयना के संगे रहे निंदिया,
जइसे निंदिया के संगे सपनवा रहे,
ओइसही हमरा दिलवा के धड़कन में हो,
साँस बनके हमेशा सजनवा रहे…”

आगे गीत में प्रेम के गहिराई आ आत्मिक जुड़ाव के स्वर दीहल गइल बा –

“रूह में उतरल बाड़ू तू अब, कइसे छूटी हाथ हो…”

आ फेरू प्रेम के बहुते सुंदर व्याख्या सामने आइल बा –

दिलवे के सुंदरता सजना हो सबके,
नेह के डोर में बाँधे,
रंगवा आ रूपवा, सीरत आ सूरत,
सब फींका एकरा आगे।
जइसे राम-सिया जी के जोड़ी रहे,
जइसे राधा-किसन के लगनवा रहे,
ओइसही हमरा दिलवा के धड़कन में हो,
साँस बनके हमेशा सजनवा रहे…

सुने में आवत बा कि ई गीत बहुते तेजी से लोकप्रिय हो रहल बा।

फिलिम के मथैला गीतो अपना मार्मिकता के कारण रेघरियावे जोग बा –

रोजे-रोजे ताना, रोजे-रोजे ओरहन हो,
केहू नाहीं पढ़ेला ए दुखिया के मन हो,
जइसे सोनवा के पिंजरा में चिरई के हाल, ओइसे गरीब बेटी के अमीर ससुराल…
बेटी के रस्ता ह नइहर से ससुरा,
हम चलनी ससुरा से नइहर के राहे,
रीती बा बदलल कि फूटल बा भगिया,
कि आइल समइया बा हमरा के थाहे,
किस्मत बा कइले हमार पगली के हाल,
हाय रे… गरीब बेटी के अमीर ससुराल…

एह गीतन के लोकप्रिय अभिनेत्री ऋचा दीक्षित पर फिलिमावल गइलबा। चर्चित संगीतकार ओम झा एकर संगीत रचले बाड़न त फिलिम के निर्माता हउवें संदीप सिंह अउर रामा प्रसाद। निर्देशन अजय कुमार झा कइले बाड़न।

गीतकार के कहना बा कि अइसन गीत भोजपुरी सिनेमा के पुरनका गौरवशाली दौर याद करावत बाड़ी सँ जब गीत बस मनरंजन ला ना हो के समाज, संस्कृति अउर मानवीय भावनन के प्रतिनिधि रहत रही सँ।

जानत बानीं कि रउरा सभे एहिजा कुछ ना लिखब ना कहब। बाकिर कम से अपना फेसबुक पर त एकरा बारे में कुछ लिख दीं। पता ना कुछ भोजपुरियन के जानकारी मिल जाव कि अइसनो कवनो वेबसाइट बा जवन पिछला तेइस बरीस से चल रहल बा आ ऊ आजु ले नइखन देखले।

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