हर बेंग के आपन ईनार – बतंगड़ 117
- टीम अंजोरिया

हर बेंग के आपन ईनार

every frog has dug its own well

हमार मथैला देखि के रउरा का चिहाएब से एआई चिहाइल। कहलस कि ई सही मुहावरा ना हवे। आ बतावे लागल कि ई बहुते पुरान एगो चीनी दंतकथा के बिगड़ल रूप लागत बा। चीन के एगो दार्शनिक झुएंगझी, हो सकेला कि एकर उच्चारण कुछ अउरे होखत होखे बाकिर Zhuangzi के उच्चारण हमरा इहे लागल। एह कथा में एगो ईनार में रहेवाला मेढक के कहानी बा जे बूझत रहुवे कि इहे दुनिया हऽ आ ओकरा अलावे एह दुनिया में दोसर केहू नइखे। बाढ़ का पानी में बहत एगो कछुआ एक दिन ओह ईनार मे आ गिरल। आ मेढक – एहिजा हम मेढके कहब बेंग ना – के बतवलसि कि दुनिया बहुते विशाल बा। ओकरो अपना समुन्दरे के ईयाद रहल। पता ना झुएंगझी अपना कथा में बतवले बाड़न कि ना कि दुनिया में समन्दरे ना होखे, पहाड़ रेगिस्तान, जंगल, आबादी बहुते कुछ मिलेला दुनिया में।

सांच कहीं त हमरा त बतंगड़ करे के बा आ रउरा के ‘हूक’ करे ला – अझूरावे ला हमरा एह से नीमन मथैला ना सूझल। हिन्दी साहित्य के पृष्ठभूमि से रहतीं त हमहूं कुआ के मेढक के कहानी कहतीं। बाकिर हमरा दोसरे कहानी कहे के बा। हम जवना बेंगन, हिन्दी वाला लोग बैंगन मत पढ़ लेव। कई गो बेंंग का बारे में बतावे के होखे त बेंगन बेंग के बहुवचन होला। व्याकरण हमरा बुझाव ना आ हमर व्याकरण बुझावे आइलो नइखीं।

ईनार के बेंग के परिस्थिति में ईनार रहुवे से ओकरा बात अलग बा। हम जवना बेंगन के बात करे जा रहल बानी ऊ बेंग आपन आपन ईनार अलगे खोन के रखले बाड़ें आ उनुका लागेला कि उनुका ईनार छोड़ दुनिया में दोसर कुछ हइए नइखे आ उनुका ले बड़ लिखनिहार खोजले ना भेंटाई। हमरो लागेला कि दुनिया में भोजपुरी में पहिलका वेबसाइट होखला का नाते सगरी भोजपुरियन के मालूमे होखी अंजोरिया डॉटकॉम का बारे में। बाकिर सचाई ईहे होला कि कई बेर गूगलो बाबा महटिया देलें अंजोरिया का बारे में बतावे से। अधिका लोग के मालूमे नइखे कि अंजोरिया डॉटकॉम नाम के कवनो वेबसाइटो बावे।

काल्हु एगो ह्वाट्सअप ग्रूप में एगो वीडियो मिलल आ हमरा लागल कि हम कतना बड़हन बेंग हईं। रोजे सोशल मीडिया खंगारत-उबिछत रहीलें कि कुछ बढ़िया भेंटा जाव भोजपुरी में आ अइसन चैनल के हमरा कवनो भनके ना मिलल अबले। यूट्यूब पर एगो चैनल बा ‘बतकुचन’ का नाम से जवना के बतकुचन वाला चलावेलें। आ जवना पॉडकॉस्ट ले के एह चैनल के पता चलल ओकरा के हम नीचे देइयो देत बानी। भोजपुरी का बारे में, भोजपुरिया समाज का बारे में, भोजपुरिया लोगन का बारे में अइसन अइसन बेबाक जानकारी बा जवना के सुन के हमरा इहे लागल कि अइसने बेलाग बाति ला कहाउत बनल होखी – बात कहीलें खर्रा, गोली लागे चाहे छर्रा!

मन त करत बा कि पूरा पॉटकॉस्ट के लिख दीं। बाकिर ओहमें ऊ आनन्द ना आई जवन रउरा एह पॉडकॉस्ट सुन के मिली। अइसनका ठेठ भोजपुरी ठेठ भोजपुरिया अन्दाज में बहुते कम मिल पाई – कहल बेकार बा बाकिर कहला से रोक नइखीं पावत कि रउरा बताईं कि एह लेख के मथैला – हर बेंग के आपन ईनार – सही बावे कि ना? जानत बानीं कि रउरा अपना ज्ञान के पोटली हमरा सोझा ना खोलब – “हीरा तहां न खोलिये जहँ खोटी हो हाट/ कस कर बान्धो गाठरी उठ कर चालो बाट!

चलीं अब पॉडकॉस्ट सुनीं-

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