समरथ के नहीं दोष गुसाईं
mighty has all the rights
– टीम अंजोरिया
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A street bully
बबुआ का खिलाफ कुछ करे के बेंवत नइखे भाजपा सरकार के ना त उनुका के कहिए ना जेल का भितरी पठा दीहले रहीत मोदी सरकार. आ देश के न्याय व्यवस्था में लोगन के भरोसा कतना बा एकरा बारे में कुछऊ लिखल-कहल निरर्थक चरचा होखी. आ इहो साँच बा कि एह लेख के विषय से बबुआ के कवनो तरह से जोड़ल ना जा सके. बाकिर कहे वाला लोग त कहते बा कि समरथ के नहीं दोष गुसाईं!
अब कानपुर के लम्बोर्घिनी कार से कचारे के मामिला कुछ अइसने शानदार उदाहरण पेश कइले बा जवना से लोग के आस्था देश के न्याय व्यवस्था में अउर पोढ़ हो जाई. सलमान वाला किस्सा त रउर जानकारी में पहिलहीं से बा. अब कानपुर के शिवम मिश्रो ओही कतार में शामिल हो गइल बाड़न.
एगो लम्बोर्घिनी कार से कचरा के छह जने घवाहिल हो गइलें. मौका पर बवाल मचल बाकिर कार के ड्राइविंग सीट से शिवम के बाउन्सर सुरक्षित निकाल ले गइलें. लोग के कहना बा कि कार उहे चलावत रहलन. बाकिर अपार धनशाली आ तम्बाकू कारोबारी के के मिश्रा के बेटा के कानूनी रूप से फँसावल अतना सहज त रहलहूं के ना रहल. पहिले त पुलिस अज्ञात आदमी के ओह कार के ड्राइवर मान लिहलसि बाकिर जब जन आक्रोश बढ़ल त मजबूरन ओकरा शिवम मिश्रा के गिरफ्तार करे के पड़ल.
बाकिर धनवान मुवक्किल का लगे एक से एक प्रतिभाशाली अधिवक्तन के सेवा मौजूद रहेला. धन कवना दिन ला होला जब अपने परिवार के रक्षा ना कइल जा सके. पुलिस जब गिरफ्तार शिवम मिश्रा के अपना कस्टडी में लेबे के इजाजत न्यायालय से मँगलसि त शिवम के विद्वान अधिवक्ता दावा कइलन कि शिवम के गिरफ्तारी नाजायज बा आ कार दोसर आदमी चलावत रहल. आ अपना देश के न्यायप्रणाली के क्षमता देख लीं कि तुरते तकनीकि आधार पर शिवम के जमानत पर छोड़ देबे के आदेश हो गइल न्यायालय से. न्यायालय के कहना रहल कि एह मामिला में पेश सबूत आ कार्यवाही के विवरण आधा-अधूरा बा आ शिवम मिश्रा के बीस हजार रुपिया के बाण्ड पर जमानत दे दीहल गइल.
एह बारे में शिवम के वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश चन्द्र त्रिपाठी जी के कहना बा कि चूंकि एह तरह के मामिला में सजा के अवधि सात बरीस से कम के होला से पुलिस के कवनो गिरफ्तारी से पहिले नोटिस दीहल चाहत रहुवे. देश के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश आ भारतीय नागरिक सुरक्षा समिति के प्रावधानो अइसने बा.
एही से जुड़ल एगो खबर इहो बा कि मोहनलाल नाम के एगो आदमी काल्हु बुध का दिने एगो अदालत में पेश हो के दावा कइलसि कि लम्बोर्घिनी कार उहे चलावत रहुवे. बाकिर अदालत ओकर दावा खारिज क दिहलसि काहे कि पुलिस रिपोर्ट में ओकर नाम नइखे. मोहनलाल के ईमानदारिओ के प्रशंसा करे जोग बा.
अब लोग जे चाहो से कहो बाकिर गोस्वामी तुलसीदासो जी लिख गइल बानी कि समरथ के नहीं दोष गुसाईं.

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