हमार बिहार
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हमार बिहार

– रामसागर सिंह

#भोजपुरी-कविता #रामसागर सिंह

(बिहार दिवस पर)

हमार बिहार

 

1912 के अवतार बिहार, 22 मार्च यादगार बिहार,
दिन के शुक्रवार बिहार, जय जय हो हमार बिहार!

बुद्ध के बुद्धि सार बिहार, नालन्दा के विहार बिहार,
महावीर, गुरु गोविन्द सिंह के हउवे रचनाकार बिहार!

ज्ञान के हऽ भंडार बिहार, चाणक्य नीति के धार बिहार,
जन गण के मन के भावे उ गणतंत्र के सिरजनहार बिहार!

चन्द्रगुप्त के ह आचार बिहार, अशोक के शौर्य के हार बिहार,
सपना ई शेरशाह सूरी के भारत के ह श्रृंगार बिहार!

अंग भूमि उपहार बिहार, कर्ण के हऽ दरबार बिहार,
धरती जरासंध बलशाली के जेकरा बल के ना पार बिहार!

गज ग्राह उबारनहार बिहार, ऋषि गौतम के तपगार बिहार,
ई धन्य गया जी पुण्यभूमि पुरखन के तारणहार बिहार!

विद्यापति के विचार बिहार, कबीर के ह उदगार बिहार
दिनकर के दिव्य कविता ई क्रांति के ह रसधार बिहार!

ह मिथिला के संस्कार बिहार, सहज सरल बेवहार बिहार,
ह पान मखान के खान इहे मेहमान के ह सत्कार बिहार!

हवे मंगल के ललकार बिहार, वीर कुंवर के हऽ तलवार बिहार,
ई रण चम्पारण गाँधी के जयप्रकाश के हऽ हुंकार बिहार!

देशरत्न के ई दमदार बिहार, बा वैभव के हकदार बिहार,
रामसागर” अब केतना लिखीं भारत के पहरेदार बिहार!
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रामसागर सिंह
सिवान, बिहार
वर्तमान: सुरत, गुजरात.
मोबाइल : 8156077577

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