Tag: बतकुच्चन

बूंट के पेड़ (बतकुच्चन – १२१)

रउरा में से केहू बूंट के पेड़ देखले बा? हम त नइखीं देखले काहे कि बूंट के पेड़ होखबे ना करे पौधा होला. बूंट के पेड़ वाला किस्सा पिछला दिने बयानवीर नेता लोग के बकतूतई से धेयान में आइल. केहू बारह रुपिया में भरपेट खियावत रहे त केहू...

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नुक्ता का हेर फेर से खुदा जुदा हो सकेलें (बतकुच्चन – ‍१२०)

उर्दू के जानकार जानेलें कि कइसे नुक्ता का हेर फेर से खुदा जुदा हो सकेलें. उर्दू के एगो खासियत ह कि बहुते मात्रा लिखल ना जाव बूझ लिहल जाला. जे जानकार होला से त बड़ा आराम से पढ़ ली बाकिर नवसिखिया आदमी भुलाए गड़बड़ाए लगीहें. एक जमाना...

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भईया बूझलन पियाज भउजाई बूझली अदरख (बतकुच्चन ११९)

भईया बूझलन पियाज भउजाई बूझली अदरख. ना, ना. ई बतवला के कवनो जरूरत नइखे कि ई कहाउत सही ना ह. असल कहाउत दोसर ह, मियाँ बूझलें पियाज, मिंयाइन बूझली अदरख. हमहूं जानत बानी कि असल कहाउत का ह बाकिर पिछला दस दिन से जवन बकतूत आ गलथेथरई...

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चिन्ता में झटकल जात एह देश के राजनीतिक जमात (बतकुच्चन – ११८)

बरखा के मौसम बा. झटास झटहा जस लागे लागत बा. बरखा के पानी के बौझार जब हवा के झोंका से उड़ के एने ओने आवेला त ओकरा के झटास कहल जाला. . झटास संगे आइल पानी के बूंद कबो कबो चोट जइसन लागेला बुझाला कि केहु झटहा चला के मारत बा. झटहा छोट...

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आफत बिपत के चरचा (बतकुच्चन ‍- ११७)

पिछला दस दिन से बस एकही चरचा चलत बा देश भर में आ उ चरचा बा आफत बिपत के. आपदा बिपदा से निकलल शब्द आफत बिपत कुछ लोग संगे विशेषणो का रूप में इस्तेमाल होखेला. जइसे कि आजुकाल्हु एगो नेता के नाम बाकी गोल वाला नेता आ पोसुआ मीडिया ला...

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🤖 अंजोरिया में ChatGPT के सहयोग

अंजोरिया पर कुछ तकनीकी, लेखन आ सुझाव में ChatGPT के मदद लिहल गइल बा – ई OpenAI के एगो उन्नत भाषा मॉडल ह, जवन विचार, अनुवाद, लेख-संरचना आ रचनात्मकता में मददगार साबित भइल बा।

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