टैग: भोजपुरी

चांसो बाईचांस ना मिले

– जयंती पांडेय अचके रामचेला आ के कहले बाबा लस्टमानंद से कि हो बाबा जानऽ तारऽ ई मोदी सरकार जे बा नऽ से झूठहुं हाला मचवले बा कि महंगी कम हो गइल, लेकिन सांचो महंगी कम कहां भइल बा. जवन एक दूगो चीज के दाम घटल बा ऊ तऽ चांस हऽ...

Read More

भोजपुरी पंचायत के नवम्बर 14 के अंक

– – ओमप्रकाश सिंह आजुए ईमेल से मिलल भोजपुरी पंचायत पत्रिका के नवम्बर 2014 अंक देखि के मन मिजाज खुश हो गइल. अगर भोजपुरी से छोह के बात हटा दिहल जाव त पत्रिका के कलेवर बहुते स्तरीय बा. सोना पर सोहागा वाला बाति होखीत अगर...

Read More

मॉरीशस : आपन बोली-आपन लोग

– मनोज श्रीवास्तव केहू के जब आपन खाली घर-दुआर आ आपन गाँव जवार छुटेला त मन केतना भारी हो जाला आ तब त आपन देसे छुटल रहे. ओह घरी कवनो सुख से केहू आपन घर-दुआर, गाँव-जवार भा देसे छोड़ के परदेस थोड़े गइल रहे लोग. खाली अपना परिवार...

Read More

कुलछनी

– डॉ॰ उमेशजी ओझा नीलम के गोड़ धरती प ना पड़त रहे. खुशी के मारे एने से ओने उछलत कुदत चलत रही. एह घरी के सभ लइकी आ लइका के बड़ी इन्तजार रहेला. नीलमो आखिर उछल कुद काहे ना करस. उनकर बिआह जे ठीक भइल रहे. नीलम के मन में खुशी के...

Read More

मेहरारून के बात बात हऽ आ दोसरा के …

– जयंती पांडेय रामचेला एगो कागज हाथ में ले ले रहले. ओहमें कुछ लिखल रहे. ऊ कागज के रामचेला बाबा लस्टमानंद के देखवले. बाबा कहले ई सर्वे हऽ एह में लिखल बा कि मेहरारू सब दिन में माने कि 12 घंटा में 5 घंटा खाली बतियावेली सन....

Read More

Recent Posts

अंजोरिया पर खोजीं -

आपन टिप्पणी, लेख, कहानी, कविता, विचार भेजे खातिर -

anjoria@rediffmail.com

अगर राउर रचना पहिला बेर आ रहल बा त आपन एगो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ में जरूर डाल दीं.

पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..