नेताजी त ना सेंक पवले रोटी
– जयंती पांडेय अबहीं हाले में जवन चुनाव खतम भइल ओकरा खातिर नेताजी गांवे आइल रहले. गांव में लस्टमानंद समझवले – ‘नेता जी, हालत के चूल्हा पर राजनीति के रोटी मत सेंकऽ’. ऊ जिद करे लगले, ना हो हम त रोटी सेंकबे...
Read More– जयंती पांडेय अबहीं हाले में जवन चुनाव खतम भइल ओकरा खातिर नेताजी गांवे आइल रहले. गांव में लस्टमानंद समझवले – ‘नेता जी, हालत के चूल्हा पर राजनीति के रोटी मत सेंकऽ’. ऊ जिद करे लगले, ना हो हम त रोटी सेंकबे...
Read More– जयंती पांडेय रामचेला बाबा लस्टमानंद के लगे अईले आ आवते नर्भसा गइले. टेंनसनिआइल तऽ पहिलहीं से रहले. तनी अस्थिर भइले तऽ बाबा पूछले, का हो का बात बा. रामचेला थूकि घोंटि के कहले- सुनलऽ हऽ रेलवे के सब इस्टेशन हवाई अड्डा के...
Read More– डॉ॰ उमेशजी ओझा सरोज एगो कम्पनी मे काम करत रहले. अपना पत्नी आ दूगो बेटा, सबीर आ शेखर, का साथे आपन चारिगो आदमी के छोट परिवार में मस्त आ हँसी खुशी से रहत रहले. बाकिर दूनो बेटा आवारा किस्म के रहले. ओह में से उनकर बड़ बेटा...
Read MorePosted by Editor | सितम्बर 18, 2014 | पुस्तक चर्चा, साहित्य |
भोजपुरी अबहीं संविधान के अठवीं अनुसूची में शामिल होखे खातिर संघर्ष करत बिया. जबकि भारत के साहित्य अकादमी भारतीय साहित्य निर्माता का रूप में भिखारी ठाकुर आ धरीछन मिश्र का बाद अब भोजपुरी के नामी गिरामी कवि मोती बीए पर एगो किताब...
Read More– जयंती पांडेय मोदी जी जापान गइले. उहां जा के जान जा रामचेला तासा बजवले. कतहत बड़हन काम कइले. लेकिन आहु पर विवाद हो गइल. कई गो प्रगतिशील भाई लोग पेट बिगड़ गइल. अतने ना मोदी जी खदे जापान में कहले कि राजा और प्रधानमंत्री के...
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