टैग: भोजपुरी

भोजपुरी-मैथिली के भाव में विभोर भइल दिल्ली…

– ओेमप्रकाश अमृतांशु कविता अइसन विद्या ह जेकर उमिर दस-बीस साल ना सैकड़ो-हजारो साल होखेेेेला. जेकरा के अनपढ़ो सुन सकेला, गुनगुना सकेला. कवि के कविता के भाव में दरद, आक्रोश, प्रेम आ ढ़ेरन अभिव्यक्ति के समावेश होखेेला. कविता में...

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बदला के आगि

– डॉ॰ उमेशजी ओझा प्रशांत एगो ट्रेवल्स एजेन्सी के मालिक रहले. शहर में आवे वाला यात्रियन के शहर के देखे वाला जगहन प घुमावे खातिर अपना एजेन्सी से छोट गाडी उपलब्ध करावल उनकर काम रहे. प्रशांत के व्यपार बहुते चल निकलल रहे....

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मोदी मौनी बाबा काहे बन गइले ?

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद से अचके में रामचेला पूछले, बाबा हो! ई आपन मोदी जी आजुकाल कुछ बोलत काहे नइखन ? बाबा कहले, अब तूं ही बतावऽ कि मोदी जी सरकार चलावस कि बकबकास. अरे सरकार चलावल कवनो बैलगाड़ी चलावल ना नु ह कि जबले...

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वर्ल्ड क्लास स्टेशनन पर खइनी डिटेक्टर लगावल जरूरी

– जयंती पांडेय मंगलवार के रेल बजट देखि सुनि के बाबा लस्टमानंद कहले कि ‘विश्व स्तरीय रेल गाड़ी तऽ हमरा पसंद नइखे.’ आज के रेलगाड़ी के सफर के आपन मजा बा. सफर के समय , रामचेला जान जा कि एगो अभूतपूर्व आनंद होला. आजु के हमनी के...

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पति के दबावे के फरमूला

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद के महिला संगठन के तरफ से कहल गईल कि कवनो हंसी के मसाला दऽ. बड़ा गड़बड़, महिला सशक्तिकरण के जमाना में जे कवनो उल्टा सीधा मजाक हो गईल चाहे कवनो उल्टा सीधा मतलब निकल गइल तऽ अलग झमेला. का करस,...

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