टैग: भोजपुरी

कहवाँ जातिया भोजपुरी भाषा

– जयंती पांडेय भोजपुरी सिनेमा बनावे वाले लोगन पर भोजपुरी के बिगाड़े के इलजाम बड़ा तगड़े लागेला. सचहूं भोजपुरिया सिनेमा में पता ना कहवां- कहवां के ड्रेस पहिना दिहल जाला अउर गजबे भाषा में कलाकार बतियावेला लोग. भोजपुरी के...

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करप्शन के हाल्ला काहे

– जयंती पांडेय आज करप्शन के नांव पर बड़ा हल्ला बा. ई हल्ला उहे लोग हो-हल्ला मचा रहल बा, जेकरा करप्ट होखे के मौका ना मिलल. जसहीं मौका मिली, ऊ आपन ओठ सी लिहें. ई रीति जमाना से स चलि आ रहल बिया. लोग भ्रष्टाचार के विरोध करत...

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लस्टमानंद के चुनावी रणनीति

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद अबकी चुनाव में खड़ा होखे के फैसला कऽ लेहले बाड़े आ ओकरा खातिर रणनीति बनावे में जुटल बाड़े. अब उनका खेलाफ बड़का दल के बड़ बड़ नेता खड़ा बा लोग आ ओकरा पर से अण्णा बाबा के चर लोग चारू इयोर घूम...

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लोक कवि अब गाते नहीं – १६

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) पन्दरहवाँ कड़ी में रउरा पढ़ले रहीं कि कइसे गणेश तिवारी झूठ के साँच आ साँच के झूठ बनावे का तिकड़म में लागल रहेले. अबकी उनुका तिकड़म के माध्यम बनल बा पोलादन जे आपन...

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लोकपाल के नाना प्रोडक्ट

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद एगो अखबार में छपवावे खातिर लोकपाल पर एगो लेख लिखले. लेख का रहे एकदम से तमाशा रहे. ऊ लिखले कि लोकपाल एगो अइसन फल हऽ जे ईमानदारन के मीठ आ बेईमानन के खट लागेला. जनता के खट मीठ दूनो. सरकारी अफसरन...

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