लोक कवि अब गाते नहीं – ८
(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) सातवाँ कड़ी में रउरा पढ़ले रहीं...
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Read More– ओ.पी .अमृतांशु जीतल मंगरुआ बो मुखिया चुनाव में मचल बा हाय खलबली, देखऽ गली -गली. छाका छोड़ाई दिहलस एमे. बीए पास के मुखिया जी खुरुपी ले के चलीं दिहलें घास के निपट-अनाड़ी भारी उठल बीया गावँ में मचल बा हाय खलबली, देखऽ...
Read More– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद लमहर सांस घींच के कहले, हो राम चेला ई कुटिल, कपटी जुग में अबहियों कातना लोग भेंटाता ई कहे वाला कि “हम आजु ले कवनों भ्रष्टाचार नइखी कइले. नाजायज पइसा के हाथ से छुअल का हम त ओकरा इयोर तकबो...
Read Moreभोजपुरी गायिका प्रियंका सिंह अंक ज्योतिष का हिसाब से आपन नाम बदल के रितु प्रियंका रख लिहले बाड़ी. देश विदेश में दर्जनो मंचीय काम प्रस्तुत कर चुकल प्रियंका आवाज के मल्लिका हई. खनकत आवाज वाली एह गायिका के अबले दर्जन भर भोजपुरी अलबम...
Read More– जयंती पांडेय सियावर बाबू के मुँह पर बड़ा दिन का बाद हँसी लउकल. बाबा लस्टमानंद से ना खेपाइल. सियावर बाबू सरकारी अफसर हउवन. सरकारी कर्मचारी अउर आफिसन के बारे में सब कुछ जाने ले. एही से जब ऊ भेंटास त मुँह माहुर अस कइले रहस....
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