लोक कवि अब गाते नहीं – ७
(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) छठवाँ कड़ी में रउरा लोक कवि के...
Read More(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) छठवाँ कड़ी में रउरा लोक कवि के...
Read Moreपूर्व प्रधानमंत्री आ समाजवादी नेता स्व. चन्द्रशेखर के जन्म दिन पर नेशनल थिंकर्स फोरम दिल्ली के लक्ष्मीपति सिंहानिया आडिटोरियम में “चन्द्रशेखर: एक राष्ट्रवादी चिंतक” विषय पर एगो सेमिनार आयोजित कइले रहुवे जवना...
Read MorePosted by Editor | अप्रैल 19, 2011 | पुस्तक चर्चा |
“श्रीरामकथा” भोजपुरी में सामाजिक परिवर्तन के एगो प्रबंध काव्य बा.एकर रचयिता डॉ श्रद्धानंद पांडेय भोजपुरी के मूर्द्धन्य साहित्यकार हईं.एह काव्य में भलहीं रामभक्त कवि के भक्तिभावना केंद्र में बाटे बाकिर एकर पृष्ठभूमि...
Read MorePosted by Editor | अप्रैल 19, 2011 | पुस्तक चर्चा |
“श्रीरामकथा” भोजपुरी में सामाजिक परिवर्तन के एगो प्रबंध काव्य बा.एकर रचयिता डॉ श्रद्धानंद पांडेय भोजपुरी के मूर्द्धन्य साहित्यकार हईं.एह काव्य में भलहीं रामभक्त कवि के भक्तिभावना केंद्र में बाटे बाकिर एकर पृष्ठभूमि...
Read Moreदिल्ली में ९ अप्रेल से शुरु दु दिन के भोजपुरी विश्व सम्मेलन के उद्घाटन कइला का बाद लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार अपना संबोधन में कहली कि, “बहुत देर हो चुकल अब भोजपुरी के ओकर हक मिल जाये के चाहीं.” मुख्य अतिथि शत्रुघ्न...
Read More
पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..