मन्दिरन के अरामी प्रबन्धन

– टीम अंजोरिया

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मन्दिरन के अरामी प्रबन्धन

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अगर रउरा जानकारी में कवनो अइसन गैर-हिन्दू पूजास्थल होखो जवना के प्रबंधन ओह पंथ के बाहर के आदमी का जिम्मे लगावल गइल होखे त जरुर बताएब। शायदे कहीं अइसन प्रबंधन रउरा मिल पइहें। बाकिर हिन्दू समाज के दुर्भाग्य बा कि अधिकतर त अनेके हिन्दू मंदिरन के प्रबंधन पर अइसन लोग काबिज बा जिनका के अरामी कहल जा सकेला। अरामी मतलब जिनका राम में श्रद्धा ना होखो। सवाल उठावल जाए के चाहीं कि हिन्दू धार्मिक प्रतिष्ठान के प्रबंधन अइसनका अरामियन के काहे दिहल जाला?

आजु जब सोशल प्लेटफार्म एक्स पर गइनी त एगो एक्सप्रेशन देखे के मिल गइल। (ट्वीटर का जमाना में एकरा के ट्वीट कहल जात रहुवे से एक्स का जमाना में हम एकरा के एक्सप्रेशन कहल करिलें। आ सबले सही शब्द इहे होखी एह ला।) रउरो देख लीं –

हिन्दूवन के श्रद्धा स्थली माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एगो वीडियो में देखल जा सकेलें जिनका एह पर आपत्ति रहुवे कि कवनो शुभ काम करे खातिर उनुका के जूता उतारे के काहे कहल जात बा!

बात सही बा अइसनका आदमी के जूता उतारे के कहल बेकार बा। जरुरत त बा कि ओकरा पर जूता उतारल जाव।

मुस्लिम बहुल प्रदेश जम्मू कश्मीर में बनावल गइल कटरा के श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के स्थापना भईल त 1988 में बाकिर एकरा के पिछला तिथि 30 अगस्त 1986 से प्रभावी बना दिहल गइल। ऊपर देखावल एक्सप्रेशन में एह महानुभाव के नाम देखे के ना मिलल से गूगल करे के पड़ल। गूगल का मुताबिक अप्रेल 2026 के जानकारी का अनुसार आईएएस आफिसर सचिन कुमार वैश्य एह श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी हउवन आ हमरा लगे कवनो आधार नइखे एकरा के नकारे खातिर। संजोग से जब कुछ अउर जानकारी बटोरे ला गइनी त एक्स पर एगो अउर एक्सप्रेशन मिल गइल जवना में एह अरामी महापुरुष के सचित्र वर्णन मिल गइल। –

पहिले वाला एक्सप्रेशन में देखावल वीडियो में देखावल गइल बा कि जब ई मु.का.अ. (CEO) एगो प्रतिष्ठान के उद्घाटन करे ला अइलन त पुजारी इनका के आपन जूता उतारे के अनुरोध कइलन। एह पर ई अरामी कार्यपालक नाराज हो गइलन आ कहलन कि एही सब का चलते ऊ एह सब काम ला आवल ना चाहसु।

बोर्ड के आधिकारिक वेबसाइट पर बतावल गइल बा कि एह बोर्ड के चेयरमैन जम्मू कश्मीर राज्य के राज्यपाल होखिहें। अगर राज्यपाल गैर-हिन्दू होखसु त ऊ एह काम ला कवनो हिन्दू के नामित कर सकेलें बाकिर ई उनुका ला कवनो बाध्यता नइखे बनावल गइल।
(a) The Governor of the State of Jammu and Kashmir shall be the ex-officio Chairman of the Board, and if the Governor be not a Hindu, then he may nominate an eminent person professing Hindu religion and qualified to be a member of the Board.
इनका अलावे एकरा में नौ गो नामित व्यक्ति होखिहें जिनका के राज्यपाल नामित करिहें। दू गो अइसन लोग जे राज्यपाल का दृष्टि में हिन्दू पंथ आ संस्कृति खातिर समर्पित होखसु, दू गो महिला जे हिन्दू हित में काम करे ला जानल जात होखसु, तीन गो अइसन लोग जे कानूनी आ वित्तीय मामिलन के जानकार होखसु, आ दू गो जम्मू कश्मीर राज्य के प्रतिष्ठित हिन्दू।

बोर्ड के कार्यपालक एकर मु.का.अ. होखिहन। खोजलो पर ना मिलल कि एह कार्यपालन ला हिन्दू होखल भा हिन्दू पंथ में श्रद्धा राखल जरुरी मानल गइल होखो। कहे के मतलब कि सरकार कवनो अरामियो के एकर कार्यपालक बना सकेले आ बना के रखलहूं बिया।

का उप-राज्यपाल महोदय महामाननीय श्री मनोज सिन्हा बतइहन कि एह महाामानुष कार्यपालक में कवन सुर्खाब के पर देखल गइल कि इनका के कार्यपालक बना दिहल गइल?

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