सब तीरथ बार बार गंगासागर एक बार

मकर संक्रांति, जवना के भोजपुरिया इलाकन में खिचड़ी के पर्व का रुप में जानल जाला, का दिने गंगा के सागर में मिले का स्थान पर स्नान करे के बहुते बड़ धार्मिक महत्व बतावल गइल बा. एह चलते हर साल मकर संक्रांति का दिने पश्चिमबंगाल का सागर द्वीप पर गंगासागर में नहाये खातिर लाखों श्रद्धालुअन के भीड़ जुटेला. एहू साल लाखों लोग चहुँप चुकल बा आ लाखों लोग राह में होखी. कहल जात बा कि अबकी के संजोग १३२ साल बाद बनल बा, एहसे अबकी भीड़ो बेसी होखी. सरकार एह मौका पर श्रद्धालुअन के सुविधा आ सुरक्षा खातिर पूरा इन्तजाम कइले बिया. नहाये जाये वाला रास्ता पर मेटल डिटेक्टर लगावल गइल बा, सागर के हवाई निगहबानी खातिर होवरक्राफ्ट के तैनाती कइल गइल बा.

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