साल बीत गइल, साल आ गइल
साल का आखिरी दिने आजु जब पिछला साल के लेखा-जोखा लेबे बइठनी त एकाध खास बाति के छोड़ के कुछ ना भेंटाइल. सालो भर एह बहाने भा ओह बहाने भोजपुरी पर आपन-आपन राजनीति चमकावे के कोशिश होत रहल. हर साल का तरह एहू साल भोजपुरी के कई गो विश्व...
Read More

पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..