लोकतंत्र के हत्या
भोला बाबू खीसे फनफनाइल रहलें. पुछनी कि का बात हऽ त बिफर पड़लें. कहे लगले, नीतीश त हदे कर दिहलें. अइसनो कइल जाला ? लोकतंत्र के कमजोर कर के राख दिहलें, राहुल गाँधी के बेइज्जत कर दिहलें, आ लालू से पता ना कवना जनम के दुश्मनी निकाल...
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