साल: 2011

बतकुच्चन २४

का होई जब राउर टहलुआ रउरे के टहलावे लागे ? टहलुआ ऊ जे टहल करे, सेवा करे, राउर छोट मोट काम रउरा कहला पर कइल करे. टहलुआ के स्त्रीलिंग टहलनी होला. सेवा टहल करे खातिर जनता अपना सांसद विधायकन के चुनेले बाकिर चुनाते ऊ लोग चुने वालन के...

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कमजोर औरतन का देश में फूहड़ "स्लट वाक"

– जयंती पांडेय अखबारन में पढ़ि के आ फोटो देखि के रामचेला पुछले बाबा लस्टमानंद से कि, का हो बाबा ई जे सुनाऽता “स्लट वाक” से का हऽ ? कामिल बाबा के डिक्शनरी में त लिखल बा स्लट माने फूहरि मेहरारू, कुलटा, कुतिया आ...

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कमजोर औरतन का देश में फूहड़ “स्लट वाक”

– जयंती पांडेय अखबारन में पढ़ि के आ फोटो देखि के रामचेला पुछले बाबा लस्टमानंद से कि, का हो बाबा ई जे सुनाऽता “स्लट वाक” से का हऽ ? कामिल बाबा के डिक्शनरी में त लिखल बा स्लट माने फूहरि मेहरारू, कुलटा, कुतिया आ...

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