साल: 2011

खबर एक नजर में (29 जून 2011)

हम एह सरकार के प्रधानमंत्री हईं आ हमरा के… …ई बाति कहे के सोनिया जी अनुमति दे दिहले बाड़ी. जवन कुछ भी हो रहल बा ऊ सब हमरा देखरेख में. आ हम अबहीं प्रधानमंत्री बनल रहब काहे कि सोनिया जी के समर्थन हमरा मिल रहल बा. कुछ...

Read More

भइल बा उखमवा

– ओ.पी. अमृतांशु टपऽ- टपऽ चुअता पसेनवा हायॅ राम भइल बा उखमवा ! चैन बा दलानी नाहीं बाग-फुलवारी, लेई लुकवारी धावे पछुआ बेयारि, उसिनाई गइल बा परानवा हायॅ राम भइल बा उखमवा ! पोखरा – ईनरवा के होठवा झूराई गइल,...

Read More

खबर एक नजर में (28 जून 2011)

चोट दे के मरहम लगावे के नौटंकी केन्द्र सरकार पहिले त डीजल, किरासन, आ रसोई गैस के दाम में बढ़ोतरी कर दिहलसि आ अब अपनही राजनीति के नौटंकी में लागल बिया. राज्य सरकारन से कहल जा रहल बा कि ऊ लोग पेट्रोलियम उत्पाद पर लगावल कर में कटौती...

Read More

खबर एक नजर में (27 जून 2011)

डा॰ सचान के हत्या के मुकदमा दर्ज आखिरकार लखनऊ पुलिस मन मार के डा॰ सचान के हत्या के मुकदमा दर्ज कर लिहलसि. डा॰ सचान के पत्नी का तहरीर पर मुकदमा लिखल गइल. बेटा संकल्प सचान के कहना बा कि ओकरो आ पूरा परिवार के जान पर खतरा बा आ ऊ...

Read More

सेकूलरिज्म अप्रासंगिक हो गइल बा

– पाण्डेय हरिराम भारत का इतिहास में तुर्की के भूमिका बहुते खास रहल बा. तुर्किये का चलते भारत के बँटवारा भइल लेकिन आगा चले के सेकूलरिज्म के बुनियादो पड़ल. पहिला विश्वयुद्ध में जब तुर्की के सुलतान हार गइले त उनुका खिलाफत पर...

Read More

Recent Posts

अंजोरिया पर खोजीं -

आपन टिप्पणी, लेख, कहानी, कविता, विचार भेजे खातिर -

anjoria@rediffmail.com

अगर राउर रचना पहिला बेर आ रहल बा त आपन एगो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ में जरूर डाल दीं.

पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..