लेकिन पिंकिया कहाँ बिया?
– ओमप्रकाश सिंह याद पड़त बा. ओह दिन खबर पढ़ले रहीं कि बालेसर ना रहलें. बालेसर का बारे में जानकारी बटोरे खातिर नेट हँउड़े लगनी त दयानंद पाण्डेयजी के लिखल एगो लेख पर नजर पड़ल. पढ़े लगनी त मन लाग गइल. खोजला पर पांडे जी के फोन...
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