साल: 2016

महापर्व छठ के सांझ के अरघ पूरा

चार दिन चलेवाला छठ महापर्व के तिसरका दिने सांझ बेरा नदी भा कवनो जलाशय में खड़ा हो के डूबत सुरुज के अरघ दीहल जाला। आज एह पर्व के ई सबले ख़ास आराधना के काम पूरा हो गइल।अब रात भर अउरी बरत करत छठबरती लोग काल्हु उगत सुरुज के दूध से अरघ...

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नीक-जबून- 3

डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल के डायरी दीया-दियरी के दिन बहुरल तीन-चार दिन पहिले कपड़ा-ओपड़ा कीने खातिर निकलल रहीं जा. प्लेटफॉर्म प चढ़ते जवन लउकल, ओसे त चका गइलीं हम. जहाँ एक दिन पहिलहूँ खोजला पर पिछला जनम के दिया-दियरी मिलेले आ ऊहो...

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नीक-जबून-2

            डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल के डायरी जरूरी बा भोजपुरी के स्वाभिमान से जोड़ल       ओइसे त बहुत पहिले से संविधान का आठवी अनुसूची में भोजपुरी के डलवावे के माङ भोजपुरिया करत बाड़न बाकिर एने दु-एक बरिस से त जइसे बाढ़ि आ गइल बा....

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