हम सही कि तू गलत : बाति के बतंगड़ – 16
– ओ. पी. सिंह एह घरी के चरचन आ बकतूतन के अलगे अन्दाज हो चलल बा. सभे एही अन्दाज में पूछत बा...
Read More– ओ. पी. सिंह एह घरी के चरचन आ बकतूतन के अलगे अन्दाज हो चलल बा. सभे एही अन्दाज में पूछत बा...
Read More– ओ. पी. सिंह मोदी जी नोटबन्दी के एलान का कइलें, जनता के शुभचिन्तक होखे के स्वांग करत नेतवन...
Read More– ओ. पी. सिंह मंगल का दिने मोदीजी फेरू एगो सर्जिकल स्ट्राइक मार दिहलें आ अबकी के हमला सीधे...
Read More(भोजपुरी ग़ज़ल) – शैलेंद्र असीम तहरी अँखिया में पानी बुझाते न बा पीर केतना सहीं हम, सहाते न बा...
Read Moreदेश के पहिलका फुल एसी ट्रेन आजु गोरखपुर से दिल्ली आनंदविहार खाति रवाना हो गइल. 12595 अप/12596 डाउन...
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