साल: 2016

नीक-जबून- 4

डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल के डायरी   चले दीं, प्रयोग बहे दीं धार काल्हु “ये दिल माँगे मोर” पर बहस होत रहे. हम कहलीं कि भाई ‘मोर’ का जगहा ‘और’ कहलो पर त कुछ बिगड़ी ना. फेर काहें एकर ओकालत करतारे लोग. हर भाषा में लिखे-पढ़ेवाला...

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जयप्रकाश विश्वविद्यालय में स्नातकोतर भोजपुरी के पढ़ाई बंद करे के बिरोध

आज दिनांक 05/12/2016 के जयप्रकाश विश्वविद्यालय में स्नातकोतर भोजपुरी के पढ़ाई बंद करे के बिरोध में आ पढ़ाई जारी राखे के समर्थन में एगो शिष्ट मंडल विश्वविधालय के कुलपति लोकेश चंन्द्र सिन्हा के ज्ञापन सौपलस हs आ कुलसचिव अध्यक्ष...

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एक चिटुकी सेनुर

(भोजपुरी कहानी) – सुधीर श्रीवास्तव ‘नीरज’ राति अबहिन दुइयो घरी नाहीं बीतल होई बाकिर बरखा आ अन्हरिया क मारे अधराति के लखां सन्नाटा पसरि गइल रहे चारू ओर. अषाढ के बादर पूरा दल बल के साथे आ के डटि गईल रहे… आ...

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