लेखक: Editor

देशनिकाला

– डॅा० जयकान्त सिंह ‘जय’ रबीस जापान में कम्प्यूटर इंजीनियरिंग के पद पर काम करत रहस. उनका उहँवा एगो जापानी लइकी से नेह-सनेह बढ़ल आ एक दिन दूनो जने बिआह के बन्हन में बन्हा गइल लोग. लइकियो एगो बड़ दूध डेयरी कम्पनी...

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भोजपुरी भाषी के मातृभाषाई अस्मिताबोध – 1

– डॅा० जयकान्त सिंह ‘जय’ ‘अस्मिताबोध’ ओह सग्यानी-स्वाभिमान का होला, जेकरा दिल-दिमाग आ मन-मिजाज में अपना आ अपना पुरखन का उपलब्धियन के लेके मान-गुमान के भाव होखे. एकरा खातिर देश-काल-परिस्थिति के...

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टटका खबर (शनिचर, 19 सितंबर 2015)

बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू-राजद-कांग्रेस महागठबंधन के कवन गोल कवान सीट से चुनाव लड़ी एकर फैसला शनिचर का दिने हो गइल आ एकरा साथही बगावत के आवाज उठल शुरु हो गइल. काहे कि जदयू के सीटिंग विधायक वाला कुछ सीट राजद का बखरा में पड़...

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टटका खबर (शुक, 18 सितंबर 2015)

यूपी के पौने दू लाख शिक्षा मित्रन के तोस देत पीएम मोदी के कहना बा कि एह मसला पर हाई कोर्ट के फैसला आवे दीहल जाव आ ओकरा बाद रास्ता निकाल लीहल जाई. घबड़ाए जिन लोग. शुक का दिने वाराणसी के यात्रा पर आइल पीएम मोदी अपना संसदीय क्षेत्र...

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टटका खबर (बियफे, 17 सितंबर 2015)

लइकाईं में एगो किस्सा सुनत रहीं जा कि एगो रहे सेमर, तवना में रहे तीन गो काँट. दू गो टूटले टाटल, एगो रहबे ना कइल. जवन रहबे ना कइल तवना में रहल तीन गो गड़हा. दू गो सूखले साखल, एगो में पानिए ना रहे. जवना में पानिए ना रहे तवना में...

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