भोजपुरी आजु ले जिन्दा बिया अउरी आगहूं जियत रही
– अभय कृष्ण त्रिपाठी “विष्णु” श्रद्धालु कभी परेशान ना होले, परेशानी उनकर बा जे यात्रा अउरी तीर्थयात्रा दुनो के लाभ लेबे चाहत बा. ठीक इहे जुमला आज भोजपुरियो खातिर कहा सकत बा कि जेकरा भोजपुरी में जिए मरे के बा...
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