लेखक: Editor

देश दुनिया के खबर भोजपुरी में (बुध, 1 अप्रैल 2015)

(मंगल, 31 मार्च के खबर) रेल गाड़ियन के बढ़त संख्या का चलते होखे वाला देरी कम करे खातिर रेलवे बक्सर से मोकामा का बीच, इलाहाबाद से बक्सर का बीच, आ सोननगर से धनबाद का बीच एगो रेल लाइन अउरी बढ़ावे के फैसला कइले बिया. एहमें समय जरूर...

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आसिफ रोहतासवी के दू गो गजल

-आसिफ रोहतासवी (एक) फेड़न के औकात बताई कहियो अइसन आन्ही आई. घामा पर हक इनको बाटे पियराइल दुबियो हरियाई. पाँव जरे चाहे तरुवाए चलहीं से नू राह ओराई. मोल, चलवले के बा जांगर रामभरोसे ना फरियाई. नाहीं कबरी बिन हिलसवले दिन-पर-दिन आउर...

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पाती के “प्रेम-कथा विशेषांक” पर बतकही

अभाव आ गरीबी पहिलहूँ रहे. दुख-दलिद्दर अइसन कि रगरि के देंहि क चोंइटा छोड़ा देव. लोग आपुस में रोइ-गाइ के जिनिगी बिता लेव, बाकिर मन मइल ना होखे देव. हारल-थाकल जीव के प्रेमे सहारा रहे. धीरज आ बल रहे. आजु एतना तरक्की आ सुबिधा-साधन का...

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देश दुनिया के खबर भोजपुरी में (मंगल, 31 मार्च 2015)

(सोमार, 30 मार्च के खबर) जम्मू-कश्मीर के कश्मीर घाटी में भारी बरखा का चलते एक बेर फेरू बाढ़ के कहर बरपल बा सात महीना बाद. बडगाम के एगो गाँव में मकान ढहला का चलते 16 जने के मौत हो गइल आ ह, हजारन लोग एह आफत में फॅसल बा. केन्द्र का...

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जनतब, अनचिन्हार आ परिचिताह (बतकुच्चन – 184)

जनतब, अनचिन्हार आ परिचिताह. तीनो के तीनो जान-पहचान से जुड़ल शब्द आ आजु के बतकुच्चन एकनिए पर. जनतब के जगहा हिन्दी में जंतव्य ना होखे आ हिन्दी के गंतव्य का जगहा भोजपुरी में गनतब ना भेंटाव. परिचित त हिन्दीओ में भेंटा जाई बाकिर...

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