श्रेणी: सरोकार

बतकुच्चन – ९९

लाजे भवहि बोलसु ना, सवादे भसुर छोड़सु ना. अब एह बाति पर भड़कला के कवनो जरूरत नइखे. ई कहाउत हमार बनावल ना ह आ जमाना से चलल आवत बा. इहो बाति नइखे कि हमरा फगुनाहट लाग गइल बा. काहे कि फागुन के आहट बतावे वाला बयार अब भेंटात नइखे...

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आखिर का कारण बा कि भारत पर बेर बेर आतंकी हमला हो जाला : मिन्हाज मर्चेंट

टाइम्स आफ इंडिया में छपल अपना ब्लॉग में मिन्हाज मर्चेंट एह बात पर चरचा कइले बाड़न कि आखिर का कारण बा कि भारत पर बेर बेर आतंकी हमला हो जाला. पिछला दिने हैदराबाद में भइल दू गो बम विस्फोट एह बात के रेघरियावत बा कि फिरकापरस्ती के...

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बतकुच्चन – ९८

केहू ढुकल, केहू ढुकावल, आ केहू ढुका लागल देखत रहि गइल. ढकना, ढकनी, ढाकल, तोपल त बहुते सुनले बानी आजु ढुकले पर चरचा कर लिहल जाव. ढुकल आ घुसल दुनु के मतलब एके जस होला. धेयान दीं एके जस, एके ना. काहे कि घुसल कहला में तनी सीनाजोरी,...

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गिरिजाशंकर राय के श्रद्धांजलि

वरिष्ठ पत्रकार आ भोजपुरी के चर्चित कथाकार गिरिजाशंकर राय “गिरिजेश” भोजपुरी माटी आ बोली-बानी के संवेदनशील रचनाकार रहलन. उनका कहानियन में भोजपुरी जीवन जगत के जथारथ आ जथारथ का भीतर के साँच उद्घाटित भइल.” ई विचार...

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भोजपुरी साहित्यकार गिरिजाशंकर राय के निधन

मशहूर भोजपुरी साहित्यकार गिरिजाशंकर राय गिरिजेश के निधन शनिचर का दिने बनारस में हो गइल जहाँ उनुकर इलाज चलत रहुवे. छिहत्तर साल के गिरिजेश राय लमहर समय से बेमार रहलन आ इलाज खातिर उनुका के गोरखपुर से बनारस भेजल गइल रहुवे. निधन का...

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