Category: सरोकार

बतकुच्चन – ९८

केहू ढुकल, केहू ढुकावल, आ केहू ढुका लागल देखत रहि गइल. ढकना, ढकनी, ढाकल, तोपल त बहुते सुनले बानी आजु ढुकले पर चरचा कर लिहल जाव. ढुकल आ घुसल दुनु के मतलब एके जस होला. धेयान दीं एके जस, एके ना. काहे कि घुसल कहला में तनी सीनाजोरी,...

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गिरिजाशंकर राय के श्रद्धांजलि

वरिष्ठ पत्रकार आ भोजपुरी के चर्चित कथाकार गिरिजाशंकर राय “गिरिजेश” भोजपुरी माटी आ बोली-बानी के संवेदनशील रचनाकार रहलन. उनका कहानियन में भोजपुरी जीवन जगत के जथारथ आ जथारथ का भीतर के साँच उद्घाटित भइल.” ई विचार...

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भोजपुरी साहित्यकार गिरिजाशंकर राय के निधन

मशहूर भोजपुरी साहित्यकार गिरिजाशंकर राय गिरिजेश के निधन शनिचर का दिने बनारस में हो गइल जहाँ उनुकर इलाज चलत रहुवे. छिहत्तर साल के गिरिजेश राय लमहर समय से बेमार रहलन आ इलाज खातिर उनुका के गोरखपुर से बनारस भेजल गइल रहुवे. निधन का...

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बतकुच्चन – ९७

मन में एगो सवाल उठल बा कि पोसल आ पोसुआ में फरक होला कि ना? आ होला त का फरक होला. सवाल एह से उठल कि आजु चारो ओर पोसल आ पोसुआ लोग के भरमार हो गइल बा. केहू अपना चेला चाटी के पोसत बा त कुछ चेला चाटी पोसुआ होखत जात बाड़ें. अब देखीं...

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बजलऽ ए शंख बाकि बाबा जी के पदा के

काल्हु भोरे जब ले नींद टूटल तबले खबर चारो ओर पसर चुकल रहे कि संसद पर हमला के आरोपी अफजल गुरू के फाँसी चढ़ा दिहल गइल. कुछ दिन पहिले अजमल कसाबो के एही तरह फाँसी दे दिहल गइल रहे. माने के पड़ी कि सरकार तय कर लेव त कुछूओ कर सकेले आ...

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