Category: सरोकार
भोजपुरी पंचायत पत्रिका के मार्च २०१३ अंक
Posted by Editor | Feb 28, 2013 | पुस्तक चर्चा, मनोरंजन, सरोकार, साहित्य |
एह अंक में भोजपुरी के संवैधानिक मान्यता का गंभीर मुद्दा पर पत्रिका संपादक कुलदीप कुमार के संपादकीय में राजनेता लोग के चेहरा के मुखौटा उतारे के कोशिश भइल बा भोजपुरियन का सभा में आ के झूठ आश्वासन दिहल आ निकलते भुला गइला के शिकायत...
Read Moreबतकुच्चन – ९९
लाजे भवहि बोलसु ना, सवादे भसुर छोड़सु ना. अब एह बाति पर भड़कला के कवनो जरूरत नइखे. ई कहाउत हमार बनावल ना ह आ जमाना से चलल आवत बा. इहो बाति नइखे कि हमरा फगुनाहट लाग गइल बा. काहे कि फागुन के आहट बतावे वाला बयार अब भेंटात नइखे...
Read Moreआखिर का कारण बा कि भारत पर बेर बेर आतंकी हमला हो जाला : मिन्हाज मर्चेंट
टाइम्स आफ इंडिया में छपल अपना ब्लॉग में मिन्हाज मर्चेंट एह बात पर चरचा कइले बाड़न कि आखिर का कारण बा कि भारत पर बेर बेर आतंकी हमला हो जाला. पिछला दिने हैदराबाद में भइल दू गो बम विस्फोट एह बात के रेघरियावत बा कि फिरकापरस्ती के...
Read Moreबतकुच्चन – ९८
केहू ढुकल, केहू ढुकावल, आ केहू ढुका लागल देखत रहि गइल. ढकना, ढकनी, ढाकल, तोपल त बहुते सुनले बानी आजु ढुकले पर चरचा कर लिहल जाव. ढुकल आ घुसल दुनु के मतलब एके जस होला. धेयान दीं एके जस, एके ना. काहे कि घुसल कहला में तनी सीनाजोरी,...
Read More
