श्रेणी: सरोकार

बतकुच्चन ‍ – ८७

हादसा के दोस नइखे, हदस से मर गइल लोग. आजु जब बतकुच्चन करे बइठनी त पिछला हफ्ता छठ के दिन पटना में भइल हादसा याद पड़ गइल. ओह हादसा का बाद बयान देत मुख्यमंत्री के कहना रहल कि मौत हादसा का चलते ना भइल. लोग हदस में भाग चलल आ ओह भगदड़...

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सच्चाई से भगला के बीस बरीस

बीस बरीस पहिले अपना चरम पर चहुँपल राम जनमभूमि आन्दोलन का बारे में छद्म सम्प्रदाय निरपेक्षियन के कहना जीत गइल बा. सबले दुख के बात ई बा कि सगरी खुन आ बवाल से समझौता का रास्ते चल के बचल जा सकत रहे. ई कहना बा डा॰ सुब्रह्मण्यम स्वामी...

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केकरा फुरसत बा भोजपुरी में भोजपुरी ला काम करे के?

बहुत पहिले एगो चुटकुला पढ़ले रहीं. गाँधी जी मर गए, नेहरू जी मर गए, मेरी भी तबियत खराब चल रही है. पता नहीं इस देश का क्या होगा? आजु काल्हु कुछ अइसने भाव मन में आवत रहत बा. आजु जब ई लिखत बानी त कार्तिक पूर्णिमा के नहान खातिर लोग के...

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बतकुच्चन ‍ – ८६

बेमौसम बरसात भा हँसुआ का बिआह में खुरपी के गीत. दिवाली का मौका पर फुलझरी पटाखा का जगहा कादो पानी क खेल होखत बा, जेकरे देखीं उहे केहू ना केहू पर अछरंग लगावे में लागल बा. अछरंग लांछन के कहल जाला, केहू पर दोस लगवला के अछरंग लगावल...

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भ्रष्टाचार से खुशहाली बढ़ेले

– जयंती पांडेय गुरू लस्टमानंद मार मईल कुर्ता धोती अपना बेग में से निकाल के बिगत रहले साफ करेके. अतने में राम चेला अइले. दंडवत क के पूछले, का हो बाबा कई दिन से ना लउकलऽ? कहां चल गइल रहलऽ? बाबा कहले, दिल्ली गइल रहीं. राम...

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