सईंया हमार मोटर कार ले के आयो रे
– जयंती पांडेय पुरनका जमाना से हीरोइन सभे इहे गावे. अउर खाली हीरोइने के मन के नाहीं बाकी सब मेहरारू के मन के इहे भावे कि उनके बलम मोटरकार पर चढ़ के आवस. अब केतना मेहरारून के भाग में भलही इहे लिखल होखे कि बिआहे के बेरा उ...
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