राह आसान नइखे आ मंजिल अबही फरदवला बा : युगांत बद्री पाण्डेय
सोना जतने तपावल जाला ओतने निखरल जाला. ओही तरह अबही हमार तपल बाकी बा. अबहीं त बस शुरूआत भइल बा. ” कहलन युगांत बद्री पाण्डेय. युगांत बद्री पांडे अबही ले दू गो फिलिम, ‘‘बगावत एगो बदला’’ अउर ‘‘धरती गगन के प्रीत’’ में खलनायक रह...
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