सोचऽ आजादी पउलस के
रामजियावन दास बावला देश भयल आजाद मगर रण कै बरबादी पउलस के,सोचऽ आजादी पउलस के ? के के आपन खून...
Read Moreरामजियावन दास बावला देश भयल आजाद मगर रण कै बरबादी पउलस के,सोचऽ आजादी पउलस के ? के के आपन खून...
Read Moreनिर्गुण – देह दुनिया भरम ह बलवान करम गति,भीतरी के सांच भीतरीये पहचान ले,बुद्धि कुबुद्धि के...
Read Moreअनिल ओझा ‘नीरद’ (एक) दोसर का बूझी इहवाँ, दोसरा के बेमारी?ऊ त बूझऽतारी चीलम, जेह पर चढ़ल बा अँगारी।।...
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