Category: कविता

दू गो कानून बा

– डी आनन्द पानी से सस्ता गरीबन के खून बा, लागऽता देसवा में दू गो कानून बा. जे बा छूछे ओकरा, काहे केहू पूछे, दुनिया-जहान, बिना पइसा के सून बा. केस लटियाइल ब‌ा, सरसो के तेल बिना, बड़का लोगवा खातिर, तेल जैतून बा. ओकर सभे...

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भौकाली

– अशोक द्विवेदी उहो बजावे ले एकतारा ! तुलसी, सूर प’ मूड़ी झाँटसु ले कबीर के नाँव, सरापसु भदभाव के टाफी चाभत कबिता कहनी लीखसु नारा ! उहो बजावे ले एकतारा ! पढ़सु फारसी, बेचस हिन्दी उर्दू में अंगरेजी बिन्दी अनचितले जब...

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कुछ कविता

– दिलीप पाण्डेय (1) आसरा के बादल बरखे वाला बादल सगरी छाइल खिल गइल चेहरा मुरझाइल अब ना कहीं सुखार होई घर घर में बहार होई बंद जुबानो अब बोली अभागनो के उठी डोली वृद्ध नयन का बावे आस संकट अब ना आई पास झंझट से चेहरा रहे झुराइल...

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का बाँचल बा गाँव में

– शशि प्रेमदेव ना सनेहि के छाँव, न ममता के आँचर बा गाँव में! का जाई उहवाँ केहू अब, का बाँचल बा गाँव में? छितिर बितिर पुरुखन के थाती, बाग-बगइचा, खपड़इला! खरिहानी में जगहे-जगहा जीव जनावर के मइला! ना कजरी के गूँज, ना फगुआ के...

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निराला पुरस्कार से सम्मानित कवि भगवती प्रसाद द्विवेदी के सम्मान

बलिया का श्रीराम विहार काॅलोनी में स्थित ‘पाती’ कार्यालय में विश्व भोजपुरी सम्मेलन के बलिया ईकाई का तरफ से आयोजित एगो कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान से निराला पुरस्कार से सम्मानित आ भोजपुरी अउर हिन्दी के...

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🤖 अंजोरिया में ChatGPT के सहयोग

अंजोरिया पर कुछ तकनीकी, लेखन आ सुझाव में ChatGPT के मदद लिहल गइल बा – ई OpenAI के एगो उन्नत भाषा मॉडल ह, जवन विचार, अनुवाद, लेख-संरचना आ रचनात्मकता में मददगार साबित भइल बा।

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