Category: सतमेझरा

रामरक्षा मिश्र विमल के डायरी (14.10.2013)

आजु विजयादशमी ह आ हमार प्रिय मित्र डॉ. विजय प्रकाश एह घरी अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ कर रहल बाड़े. मन भरल रहल हा. बाकिर एगो पुरान डायरी पलटत खा उनकर कुछ एसएमएस मिलल बा. मन फेरु चुलबुल हो उटल. फेरु ऊहे मिजाज,ऊहे अंदाज. 02.10.2006...

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प्रियंका के नाम सुन के भड़कत कांग्रेसिया

भउजी हो! का बबुआ? ई कांग्रेसिया प्रियंका के नाम सुन के अतना भड़कत काहे बाड़े सँ? भड़के वाली बात बा से भड़कत बाड़े स. बुझनी ना. बूझब कइसे? रउरे सभ के आग लगावल ह. कांग्रेसिया सब बूझत बाड़े. अच्छा मान ल कि प्रियंका राजनिति के मैदान में...

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भउजी हो! शौचालय पहिले कि देवालय?

भउजी हो! का बबुआ? शौचालय पहिले कि देवालय? का बाति बा? पेट खराब हो गइल बा का? ना भउजी. राजनीति में एह घरी एही पर बहस चलत बा त सोचनी काहे ना तहरा से पूछीं कि कवन पहिले? ए बबुआ, हम त इहे जनले बानी कि दिशा मैदान, शौच कर्म पूरा कइला...

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अखबार के मोकबिला इंटरनेट से

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद गाँव से कोलकाता अइले. इहाँ उनुका एक जाना प्रोफेसर भेंटइले. जइसन नाँव वइसन सुभाव. नांव किरपा जी आ सुभावो एकदम किरपालु. बाबा से बतियावत में उनका से दोस्ती हो गइल. पता चलल कि ऊ प्रोफेसर साहेब...

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मवेशी डाक्टर के साँसत

– जयंती पांडेय एक हाली मास्टर काली सिंह इस्कुल से लवटत रहले. उनका कवनो बात के बतंगड़ बना के कुछ ना कुछ करत रहे के आदत ह. हठात ब्लॉक के सामने मवेशी डाक्टर साहेब के दवाखाना में ढूकि गइले. रामचेला आ बाबा लस्टमानंद अपना कवनो...

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🤖 अंजोरिया में ChatGPT के सहयोग

अंजोरिया पर कुछ तकनीकी, लेखन आ सुझाव में ChatGPT के मदद लिहल गइल बा – ई OpenAI के एगो उन्नत भाषा मॉडल ह, जवन विचार, अनुवाद, लेख-संरचना आ रचनात्मकता में मददगार साबित भइल बा।

🌐 ChatGPT से खुद बातचीत करीं – आ देखीं ई कइसे रउरो रचना में मदद कर सकेला।