श्रेणी: सतमेझरा

मजबूर प्रधानमंत्री, धन्य भाग हमनी के

– जयंती पांडेय रामचेला प्रधानमंत्री के इन्टरव्यू सुनि के एकदम से सेंटिमेंटल हो गइले आ मुड़ि पीटत सनकाह अस बाबा लस्टमानंद के दुअरा आ गइले. बाबा सामने खाड़ा रहले. रामचेला पूछले – बाबा ई का सुनऽतानी कि प्रधानमंत्री जी...

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भउजी हो !

भउजी हो ! का बबुआ ? हैप्पी वैलेंटाइन डे ! शेम टू यू बबुआ. अरे भउजी तू सेम का बदला शेम काहे कहताड़ू ? काहे ना कहीं ? याद बा पिछला बेर कब आइल रहीं. वसन्त पंचमीओ का दिने भउजी याद ना अइली बाकिर वैलेंटाइन दिने आ गइली. जमाना बदलत बा...

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अब का का देखाई ई बेलनटाइट !

– जयंती पांडेय चौदह फरवरी सामने आ गइल बा. टेलीविजन पर ए घरी अभिये से “वेलेंटाइण डे” के ढेर परचार होखे लागल बा. केहू अपना वेलेंटाइन के हीरा के अँगूठी देबे के राय देता, त केहू सोना के हार, जेवर त केहू स्टाइलिस्ट...

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भउजी हो !

भउजी हो ! का बबुआ ? गणतंत्र दिवस के बधाई ले लऽ. रउरो के बधाई. बाकिर मुँह काहे बनवले बानी ? का कहीं भउजी, बुझात नइखे कि कइसे विरोध करीं. कवना बाति के ? काश्मीर में तिरंगा नइखे फहरावे दिहल जात एह बाति के, कि मनमोहन सिंह सलाह दिहले...

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ई सरकार का हऽ

– जयंती पांडेय रामचेला एह जाड़ में सबेरे-सबेरे बाबा लस्टमानंद के दुअरा पहुँचले. बाबा घूरा तर बइठल रहले. संगे अउरो दू चार गो लोग रहे. बाबा के दंडवत बोल के राम चेला घूरा के लगे एगो पुअरा के बिड़ई पर बइठ गइले. राम निहोरा खइनी...

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