तरह – तरह के दंगल
– जयंती पांडेय हमरा देश में तरह – तरह के दंगल होला. कहीं लईकन के त कहीं साढ़न के आ कहीं पहलवानन के. लेकिन अबले केहु अनशन के दंगल ना सुनले होखी. लेकिन अपना देश में ई होला. एकर जे पैदाइश के पता लगावे केहु चली तऽ चलत...
Read More– जयंती पांडेय हमरा देश में तरह – तरह के दंगल होला. कहीं लईकन के त कहीं साढ़न के आ कहीं पहलवानन के. लेकिन अबले केहु अनशन के दंगल ना सुनले होखी. लेकिन अपना देश में ई होला. एकर जे पैदाइश के पता लगावे केहु चली तऽ चलत...
Read More– जयंती पांडेय बेचारा बेईमान लोग बड़ा परसान बा रामचेला. ससुरा ईमानदार लोग ऊ लोग के बड़ा परसान करऽ ता. केहु धरना दे ताऽ, केहु प्रदर्शन करऽ ता आ केहु तऽ अनशन पर बईठ जा ताऽ. बईमान लोग परसान हो गईल तऽ एगो मदारी पासवान के...
Read More– जयंती पांडेय जान जा भाई रामचेला, अब त शिक्षा जइसन पुण्य कामो धंधा बनत जा ता. जब से सेठ साहूकार लोग के ई बुझाइल कि पढ़ा के बड़हन आदमी बनावे के सपना बेचल जा सकेला तबसे ऊ लोग शिक्षा में हाथ गोड़ चलावे लागल लोग. पहिले सेठ लोग...
Read More– जयंती पांडेय आजु करप्शन के नांव पर उहे लोग हो-हल्ला मचा रहल बा, जेकरा करप्ट होखे के मौका ना मिलल. जसहीं मौका मिली, ऊ आपन ओठ सी लिहें. ई रीति जमाना से स चलि आ रहल बिया. लोग भ्रष्टाचार के विरोध करत समय ई ताक में लागल रहे...
Read More– जयंती पांडेय महंगी के बढ़े में सरकार के कवनो दोष नइखे. महंगी के काम हऽ बढ़ल. अगर ऊ ना बढ़ी तऽ केहु ओकरा ना चीन्ही ना पूछी. गांव शहर में रहे वाला हर बेकती आपन एगो पहचान राखेला. महंगी भी इहे रास्ता पर चलेले. महंगी लोगन के...
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